घर-घर मीट पहुंचाएगी ममता सरकार, कहा- यूपी में हो रहा है भेदभाव
एक ओर यूपी और झारखंड में मीट पर सरकारी ग्रहण लग गया है वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल सरकार डोर टू डोर मीट पहुंचाने का प्रबंध कर रही है।
नई दिल्ली। एक ओर उत्तर प्रदेश में मीट पर अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी बैन लगता जा रहा है। घरों में शादी और कई मौकों पर मीट का उपयोग करने के लिए उन्हें परमीशन लेनी पड़ रही है दूसरी ओर पश्चिम बंगाल सरकार ने फैसला किया है कि वो डोर टू डोर मीट पहुंचाएंगी। सरकार Meat on Wheels नामक योजना के तहत कोलकाता में लोगों को घर-घर जाकर मीच की डिलीवरी की जाएगी।
इसकी शुरुआत वेस्ट बंगाल लाइवस्टॉक डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (WBLDCL) ने की है। WBLDCL के अंतर्गत हरिघंता मीट ब्रांड में बतख,टर्की इमू और बटेरे के मीट भी उपलब्ध होता है। अधिकारयों के मुताबिक इस योजना के तहत हरिघंता के पैक्ड आइटम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पका हुआ नॉन वेज खाना भी ले जाया जा सकेगा।

ममता ने कहा...
राज्य के पशु संसाधन विकास विभाग के मंत्री स्वप्न देबनाथ ने सोमवार (27 मार्च) को यह योजना लॉन्च की। फिलहाल मीट को घरों तक पहुंचाने के लिए 3 वैन रखे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अगर यह योजना सफल रही तो गाड़ियों की संख्या बढ़ाकर इस योजना का अन्य जिलों तक विस्तार किया जाएगा।
वहीं यूपी और झारखंड में मीट पर सरकार की सख्ती पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा धर्म, संप्रदाय और जाति के नाम पर किए जा रहे भेदभाव से लोग डर गए हैं।
ये है यूपी का हाल
बता दें कि यूपी में आदित्यानाथ योगी के नेतृत्व में बनी सरकार के बाद राज्य में अवैध बूचड़खानों पर की गई कार्रवाई के चलते राज्य में मीट की कमी हो गई है। सरकार का है कि NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर अवैध बूचड़खानों को बंद करा रहे हैं लेकिन इस कार्रवाई का असर अब धीरे-धीरे लाइसेंसी बूचड़खानों के मालिकानों को सताने लगा है।
राज्य में कुछ जगहों पर उन्मादी भीड़ ने मीट की दुकानों को हवाले कर दिया था।












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