UP Police Encounter: कौशांबी एनकाउंटर में कुख्यात अपराधी संतोष ढेर, पुलिस पर फायरिंग कर भागने की थी कोशिश
UP Police Encounter: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक बड़े अपराधी की पुलिस से मुठभेड़ में मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि संतोष उर्फ राजू नाम के बदमाश ने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। इस मुठभेड़ में एक एसएचओ और एक दरोगा भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने संतोष को कई मुकदमों में वांछित बताया है।
यह घटना शनिवार रात को कोखराज थाना क्षेत्र के ककोढा हाईवे के पास हुई। पुलिस ने बताया कि संतोष अपने गैंग के साथ कापर वायर से लदा ट्रेलर रोककर ड्राइवर की हत्या कर चुका था। वारदात के बाद पुलिस ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की तो बदमाशों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने संतोष को गोली लगाई, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस पूरी घटना का खुलासा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि संतोष ने पहले कापर वायर के ट्रेलर को जबरन रोका था और ड्राइवर को मार डाला था। इसके बाद पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो उसने घटना की गुत्थी सुलझाने में मदद की, लेकिन मुठभेड़ के दौरान उसने फिर से फायरिंग की।
कापर वायर के ट्रेलर में हुई लूट
पुलिस के अनुसार, राजस्थान के अजमेर जिले के रहने वाले साबरमल मीणा गुजरात से कापर वायर लेकर प्रयागराज जा रहे थे। इस कापर वायर की कीमत लगभग चार करोड़ रुपये बताई गई है। ट्रेलर को रोकने के लिए संतोष और उसके साथी ने अर्टिगा कार से ओवरटेक किया और ड्राइवर को धमकाया।
ड्राइवर ने बदमाशों से साफ मना कर दिया कि वह किसी भी तरह की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होगा। इसी दौरान संतोष ने उसे गोली मार दी और शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह ट्रेलर को लेकर प्रतापगढ़ की सीमा पर खड़ा कर दिया गया।
शनिवार की रात कोखराज पुलिस ने संतोष और उसके चार साथियों को एक सौदे के दौरान दबोचा था। वे कापर वायर के दो करोड़ रुपये के सौदे में लगे थे। पूछताछ में संतोष ने अपना जुर्म कबूल किया और पुलिस को घटनास्थल तक ले गया।
तभी अचानक वह पुलिस पर फायरिंग करने लगा। इस हमले में एसएचओ चंद्रभूषण मौर्य और एक दरोगा घायल हो गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में संतोष को गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके पास से पिस्टल भी बरामद हुई है।
अपराधी का बैकग्राउंड
पुलिस की जांच में पता चला कि संतोष जौनपुर जिले के पोरई कला गांव का रहने वाला था। वह कई संगीन मुकदमों में शामिल था, जिनमें कुछ केस मुंबई में भी दर्ज हैं। संतोष का गैंग हाईवे पर लूटपाट करता था और कीमती धातु से लदे वाहनों को निशाना बनाता था।
दो साथी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि यह गैंग पूर्व से कई मामलों में फंसा हुआ था और अब पुलिस ने इस बड़ी सफलता से इलाके में शांति बहाल की है।












Click it and Unblock the Notifications