कॉन्स्टेबल की हत्या के मुख्य आरोपी मोती पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित, छह दिन बाद भी नहीं पकड़ सकी कासगंज पुलिस
Kasganj News, कासगंज। सिढ़पुरा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह की हत्या के मुख्या आरोपी व शराब माफिया मोती धीमर को कासगंज पुलिस की आठ टीमें बीते छह दिनों से तलाश रही है। लेकिन उसका अभी तक कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। वहीं, मोती धीमर पर पुलिस इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी है। बता दें कि मोती और उसके सगे दो भाइयों मोहर सिंह और मानपाल अभी भी फरार हैं, जिनके ऊपर 25-25 हजार के इनाम की घोषणा की गई है। इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को मोती की मां रूपमती को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का कहना है कि वारदात के दौरान मोती की मां घटनास्थल पर मौजूद थी। उन्होंने न केवल हत्यारे बेटों और उसके साथियों को हमला करने के लिए उकसाया, बल्कि लाठी-डंडे और भाले भी लाकर दिए।

एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कासगंज कांड के मुख्य आरोपी मोती धीमर की इनाम राशि 50 हजार रुपए से बढ़कार एक लाख कर दी है। वहीं, इस घटना की जांच के दौरान प्रकाश में आए मोहर सिंह और मानपाल पर भी 25 -25 हजार का किया इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सोनकर की रिपोर्ट पर आईजी अलीगढ़ रेंज पीयूष मोर्डिया की ओर से मुख्य आरोपी मोती पर इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने का संस्तुति पत्र शुक्रवार देर रात भेजा गया था।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 9 फरवरी की शाम को कासगंज जिले के नगला धीमर और नगला भिकारी गांव में अवैध शराब बनने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर सिढ़पुरा थाने के दरोगा अशोक पाल और कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह मंगलवार की शाम को नंगला धीमर गांव में शराब माफिया के यहां दबिश देने गए थे। जहां शराब माफिया ने दोनों को बंधक बनाकर बुरी तरह से पीटा। दोनों की वर्दी फाड़ दी और मरा जानकर खेतों में पड़ा छोड़ फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कॉन्स्टेबल देवेंद्र दरोगा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कॉन्स्टेबल देवेंद्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। वहीं, पुलिस टीम पर इस तरह के हमले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद सीनियर अफसर और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी।












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