बिकरू गांव के पंचायत घर और विकास दुबे के नौकर की सरकारी राशन की दुकान से 10 देसी बम बरामद
कानपुर। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मास्टर माइंड और पांच लाख रुपए का इनामी विकास दुबे शुक्रवार की सुबह एनकाउंटर में ढेर हो गया। इस बीच पुलिस ने विकास दुबे के बिकरू गांव स्थित पंचायत घर से तीन बम बरामद किए है। वहीं, 5 जुलाई को मुठभेड़ में पकड़े गए नौकर दया शंकर अग्निहोत्री की सरकारी राशन की दुकान से सात बम मिले है। पुलिस को शक है कि बम का इस्तेमाल 2 जुलाई की रात पुलिसकर्मियों पर हमले के लिए किया जाने वाला था।

सरकारी राशन की दुकान और पंचायत घर से मिले बम
शुक्रवार को विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसके गांव बिकरू के पंचायत घर में छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने यहां से तीन बम बरामद किए है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने विकास दुबे के नौकर दया शंकर अग्निहोत्री की सरकारी राशन की दुकान से सात बम बरामद किए है। यह बरामदगी पुलिस पूछताछ के बाद हुई है।
5 जुलाई को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ था दया शंकर
5 जुलाई दिन रविवार को कानपुर पुलिस ने दया शंकर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसे कल्याणपुर इलाके से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की गिरफ्त में आए दयाशंकर ने खुलासा करते हुए कहा था कि पुलिस की तरफ से ही दबिश की जानकारी विकास दुबे को दी गई थी। जिसके बाद उसने अपने सभी असलहाधारी गुर्गों को फोनकर बुलाया था। जिसके बाद हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है।
विकास दुबे का हुआ एनकाउंटर
इस बीच कानपुर पुलिस ने विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया। कानपुर पुलिस के मुताबिक, भौंती में जब गाड़ी पलटी तो मौके का फायदा उठाकर विकास ने भागने की कोशिश की। उसने पुलिसवालों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। पीछा कर पुलिसवालों ने उसे घेर लिया और सरेंडर करने को कहा, लेकिन विकास दुबे पुलिस पर फायरिंग करने लगा। कानपुर पुलिस और एसटीएफ की जवाबी फायरिंग में विकास दुबे बुरी तरह जख्मी हुआ। उसे कानपुर के हैलट अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।












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