मजबूर पिता बेटे के इलाज के लिए भटकता रहा, कंधे पर ही मासूम ने दम तोड़ा
कानपुर। देशभर में विकास की तमाम दावों के बीच एक पिता को अपने बेटे का इलाज कराने के लिए उसे कंधे पर लेकर एक अस्पताल के बाद दूसरे अस्पताल दौड़ना पड़े और इलाज के अभाव में बेटा पिता के कंधे पर ही दम तोड़ दे तो विकास के सभी दावे खोखले नजर आते हैं।

कानपुर में एक मजबूर पिता को अपने बेटे का इलाज कराने के लिए कई अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ा। पिता का आरोप है कि उनके बेटे को बुखार था लेकिन जब वह अपने बेटे को इलाज के लिए हैलट अस्पताल पहुंचे तो उसका इलाज नहीं किया गया।
बेबस पिता अपने बेटे को कंधे पर लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे लेकिन उसे इलाज नहीं मिला और मासूम बेटे ने उनके कंधे पर ही दम तोड़ दिया है। पिता का आरोप है कि अस्पताल में सिर्फ जूनियर डॉक्टर थे और कोई बड़ा डॉक्टर वहां नहीं था जिसकी वजह से उसका इलाज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को इलाज नहीं मिला जिसके चलते उसकी मौत हो गयी है।
जीएसवीएन के प्राचार्य नवनीत कुमार ने समिति गठित करके इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं। जांच के बाद रिपोर्ट को शासन को भेजा जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
वहीं मासूम बच्चे की मौत के बाद हैलट अस्पताल में जमकर हंगामा और लोग डॉक्टर व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। बहरहाल एक तरफ जहां यूपी सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज देने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ पिता को अपने बेटे का इलाज कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।












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