विकास दुबे को फरारी में सहयोग देने वाले सात साथी गिरफ्तार, उनके पास मिली ऑटोमेटिक राइफल
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद फरार हुए कुख्यात विकास दुबे के सात मददगारों को एसटीएफ ने दबोचा है। इनके पास से एसटीएफ को एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे और प्रभात मिश्रा के मोबाइल भी मिले हैं। विकास दुबे के इन सात साथियों के पास से ऑटोमेटिक राइफल समेत अन्य हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस को शक है कि हथियारों की तस्करी से भी इन सभी का कनेक्शन हो सकता है।

जुलाई 2020 में हुई इस बड़ी घटना में विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और सभी बिकरू गांव से फरार होने में कामयाब हो गए थे। विकास दुबे फरारी के बाद अपने सहयोगियों के पास छिपता फिरा और उज्जैन के महाकाल मंदिर में वह पकड़ा गया था। कानपुर लाते समय रास्ते में हुए एनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया था। एसटीएफ ने इस घटना की जांच में पाया कि सेमी ऑटोमेटिक राइफल से विकास दुबे और उसके साथियों ने पुलिस पर गोलीबारी की थी। अब विकास दुबे के सात सहयोगियों को गिरफ्तार करने में एसटीएफ को कामयाबी मिली है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया है कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से सेमी ऑटोमेटिक और ऑटोमेटिक गन मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के यहां विकास फरारी के बाद दो दिन तक रुका था। एक और सहयोगी की गाड़ी से वह कानपुर से बाहर भागने में कामयाब हुआ था। इन सात गिरफ्तार लोगों में से एक मध्य प्रदेश का निवासी है। छह आरोपी विष्णु कश्यप, अमन शुक्ला, रामजी उर्फ राधे, संजय परिहार, शुभम पाल और अभिनव तिवारी कानपुर देहात क्षेत्र के निवासी हैं जबकि मनीष यादव भिंड, मध्य प्रदेश का रहने वाला है।












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