कहा- 'सेहत का ध्यान रखें' और खुद आ गया हार्ट अटैक... कानपुर IIT में प्रोफेसर की मंच पर मौत
कानपुर IIT में शुक्रवार को मंच पर बोलते-बोलते एक सीनियर प्रो. खांडेकर को हार्ट अटैक आ गया। जब वह मंच पर गिरे तब लोगों को लगा कि वह भावुक हुए हैं। लेकिन थोड़ी देर बाद जब लोग उन्हें उठाने पहुंचे तब अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें हैलट के कॉर्डियोलाजी ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत प्रो. खांडेकर का जन्म 10 नवंबर 1971 को जबलपुर में हुआ था। साल 2000 में उन्होंने IIT कानपुर से B Tech और जर्मनी से 2004 में PhD की थी। इसके बाद 2004 में IIT में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। 2009 में एसोसिएट प्रोफेसर, 2014 से प्रोफेसर, 2020 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष बने। 2023 में उनको डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर पद की जिम्मेदारी मिली।

शुक्रवार शाम करीब 4 बजे प्रो. खांडेकर IIT कानपुर में एल्युमिनाई मीट को संबोधित कर रहे थे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वह सेहत को लेकर स्पीच दे रहे थे। उनके आखिरी शब्द थे, "सेहत का ध्यान रखें।" यह कहते ही उनके चेहरा पसीना-पसीना हो गया। तबीयत बिगड़ी और बेहोश हो गए।
जानकारी के अनुसार, प्रो. खांडेकर को साल-2019 में कोलेस्ट्राल की परेशानी हुई थी। उनकी दवाइयां भी चल रहीं थीं। प्रो. एचसी वर्मा ने बताया कि दो दिन पहले बुधवार को ही प्रो. खांडेकर सोपान आश्रम आए थे और बच्चों को विज्ञान के नियम बताए थे। प्रो. खांडेकर के निधन से उन्हें जानने वाले स्तब्ध हैं।
55 साल के प्रो. खांडेकर के परिवार में माता-पिता के अलावा उनकी पत्नी प्रद्यन्या खांडेकर और उनका बेटा प्रवाह खांडेकर है। प्रो. खांडेकर का बेटा प्रवाह अभी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा है। उसके लौटने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। अभी उनका शव संस्थान के हेल्थ सेंटर में रखा गया है। वह IIT कानपुर के पूर्व छात्र भी थे। प्रो. खांडेकर के नाम पर 8 पेटेंट हैं।












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