संवासिनी गृह मामले पर प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- जांचों के नाम पर...
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी संवासिनी गृह में कोरोना वायरस ने पैर पसार लिए हैं, यहां करीब 57 संवासिनियां कोरोना वायरस की चपेट में आ गई हैं। इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है, साथ ही कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे घोर लापरवाही बताया है।
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जांचों के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन...
प्रियंका गांधी ने रविवार को इस मामले में लिखा, 'कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में 57 बच्चियों को कोरोना की जांच होने के बाद एक तथ्य आया कि 2 बच्चियां गर्भवती निकलीं और एक को एड्स पॉजिटिव निकला। मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। यूपी में भी देवरिया से ऐसा मामला सामने आ चुका है। ऐसे में पुनः इस तरह की घटना सामने आना दिखाता है कि जांचों के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है लेकिन सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।''

भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार
प्रियंका के इस पोस्ट के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि कांग्रेस और प्रियंका के मन में यूपी सरकार के प्रति नफ़रत का भाव है। प्रियंका यूपी सरकार से नफ़रत के चलते मनगढंत कहानियां बना रही हैं। कानपुर बालिका गृह पर प्रियंका की मनगढंत कहानी बेहद निंदनीय है। प्रियंका और कांग्रेस सिर्फ झूठ का व्यापार बढ़ाने का काम कर रही हैं। यूपी में एक सशक्त और कानून का पालन कराने वाली योगी सरकार है। योगी सरकार में हर बालिका का सम्मान सुरक्षित है। बालिका गृह में नियमित जांच के दौरान कोरोना संक्रमण की बात सामने आई। बालिका गृह को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। कांग्रेस बार-बार झूठ के सहारे सरकार को बदनाम करने की साजिश न रचे। बसों के मामले में हाईकोर्ट ने कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया। कांग्रेस का झूठ बार-बार पकड़ा जा रहा है, लेकिन कांग्रेस फिर भी बाज नही आ रही है।

क्या है पूरा मामला
बता दें, उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित सरकारी बाल संरक्षण गृह में एक साथ 57 लड़कियों के कोरोना वायरस संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया है। खबर है कि यहां 7 लड़कियां गर्भवती भी पाई गई हैं। जांच के दौरान पता चला कि दो लड़कियां एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से भी ग्रसित हैं। इस मसले पर प्रशासन की ओर से सफाई भी दी गई है। विवाद पर कानपुर डीएम ने ट्वीट किए, उन्होंने लिखा कि कानपुर संवासिनी गृह में कोरोना पॉज़िटिव मामलों में से दो गर्भवती लड़कियों की खबर के बारे में यह स्पष्ट करना है कि ये पॉक्सो एक्ट के तहत CWC आगरा तथा कन्नौज के आदेश से दिसंबर 2019 में यहां संवासित की गई थीं और तत्समय किए गए मेडिकल परीक्षण के अनुसार ये पहले से गर्भवती थीं।

डीएम ने कहा- भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा कानपुर संवासिनी गृह को लेकर गलत उद्देश्य से पूर्णतया असत्य सूचना फैलाई गई है। आपदाकाल में ऐसा कृत्य संवेदनहीनता का उदाहरण है। कृपया किसी भी भ्रामक सूचना को जांचें बिना पोस्ट ना करें। जिला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई हेतु लगातार तथ्य एकत्र कर रहा है।












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