गोरखपुर केस: मनीष गुप्ता की पत्नी ने 2 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल, पुलिस पर लगाया मदद का आरोप
कानपुर, 11 अक्टूबर: गोरखपुर में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में हुई 2 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने सवाल उठाए हैं। मीनाक्षी ने कहा कि आरोपियों को ढूंढ तो एसआईटी रही थी। वह मेहनत कर रही थी, लेकिन वे गोरखपुर पुलिस की ही पकड़ में क्यों आए। आज ये कैसे संभव है। मनीष गुप्ता की पत्नी ने कहा कि गोरखपुर में ही उन्होंने मेरे पति की हत्या की, गोरखपुर पुलिस ने ही उनको ढूंढ लिया यानी वे गोरखपुर में ही थे।

मृतक की पत्नी ने पुलिस पर लगाया आरोपियों की मदद करने का आरोप
मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने पुलिस पर आरोपियों की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग उनकी मदद कर रहे थे। मीनाक्षी ने सवाल उठाया कि आरोपी आखिर गोरखपुर पुलिस को ही क्यों मिले? उन्होंने कहा कि वे वहीं छिपे हुए थे और पुलिस से उनको सपोर्ट मिल रहा था। मीनाक्षी ने मामले को मेरठ या कानपुर ट्रांसफर करने की मांग करते हुए कहा कि केस के ट्रायल के लिए गोरखपुर जाने पर उनकी सुरक्षा पर भी खतरा होगा।
पुलिस की पिटाई के बाद हुई थी मनीष गुप्ता की मौत
गोरखपुर के रामगढ़ताल थानाक्षेत्र में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। इस मामले में छह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था, जिसके बाद से सभी फरार थे। पुलिस ने इनपर एक-एक लाख का रुपए इनाम रखा था। रविवार की शाम मुख्य आरोपी थाना प्रभारी रहे जगत नारायण सिंह और चौकी इंचार्ज फल मंडी अक्षय मिश्रा को बांसगांव थाने की पुलिस ने रामगढ़ताल क्षेत्र के देवरिया बाईपास तिराहा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को देर रात अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) फास्ट ट्रैक कोर्ट अमित कुमार के यहां पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।












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