36 घंटे, 5 नोट गिनने की मशीन,बरामद हुए 150 करोड़ रुपये, कानपुर के पीयूष जैन के घर हुई छापेमारी ने सबको चौंकाया
36 घंटे, 5 नोट गिनने की मशीन और बरामद हुए 150 करोड़ रुपये, कानपुर के पीयूष जैन के घर हुई छापेमारी ने सबको चौंकाया
कानपुर, 25 दिसंबर: आयकर विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की एक ज्वाइंट टीम द्वारा छापेमारी के बाद कानपुर में इत्र व्यापारी पीयूष जैन के घर से बरामद नोटों की भारी मात्रा को गिनने में 36 घंटे से अधिक का समय लगा। 36 घंटे चली छापेमारी में नोट गिनने के लिए 5 मशीनों की मदद ली गई थी। गुरुवार (23 दिसंबर) को शुरू हुई छापेमारी शुक्रवार (24 दिसंबर) की शाम को जाकर खत्म हुई है। छापेमारी में पीयूष जैन के घर से 150 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं। यूपी के व्यवसायी के आवासीय परिसरों में तलाशी के दौरान, I-T अधिकारियों को नोटों से भरी कई अलमारियां मिलीं। बड़ी मात्रा में नकदी कागज में लिपटी हुई थी।
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जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) इंटेलिजेंस की अहमदाबाद इकाई ने कानपुर के त्रिमूर्ति फ्रैग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड के कारखाने परिसर और गणपति रोड कैरियर्स के कार्यालय और गोदामों पर तलाशी अभियान शुरू किया। कारखाने परिसर में त्रिमूर्ति फ्रैग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड शिखर ब्रांड पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माता हैं। वहीं गणपति रोड कैरियर माल के परिवहन में शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसपोर्टर कथित तौर पर गैर-मौजूद फर्मों के नाम पर कई चालान निकलता था, जो एक पूर्ण ट्रक लोड के लिए 50,000 रुपये से कम है, ताकि माल ले जाने के दौरान ई-वे बिलों के निर्माण से बचा जा सके।

200 से अधिक नकली चालान भी किए गए बरामद
डीजीजीआई के बयान में कहा गया है, "ट्रांसपोर्टर इस तरह की गुप्त आपूर्ति की बिक्री की आय नकद में एकत्र कर रहा था और इसे निर्माता को सौंप रहा था। अधिकारियों ने कथित तौर पर फैक्ट्री परिसर के बाहर ऐसे चार ट्रकों को रोका और जब्त किया, जिन्हें बिना इनवॉइस और ई-वे बिल के फैक्ट्री से हटा दिया गया था।
ट्रांसपोर्टर गणपति रोड कैरियर के परिसर से बिना जीएसटी भुगतान किए माल के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए 200 से अधिक नकली चालान भी बरामद किए गए। ट्रांसपोर्टर के कब्जे से कथित तौर पर 1.01 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।

पीयूष जैन के घर के बरामद कैश को ले जाने के लिए मंगवाया गया कंटेनर
कानपुर में व्यवसायी पीयूष जैन (उत्तर प्रदेश के कन्नौज में ओडोकेम इंडस्ट्रीज के भागीदार) के आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली गई, जो कंपनी को ज्यादातर नकदी में परफ्यूमरी यौगिकों की आपूर्ति कर रहे थे। छापेमारी के बाद, पीयूष जैन के आवास से बरामद नकदी को ले जाने के लिए एक कंटेनर लाया गया था। आनंदपुरी स्थित व्यवसायी के घर से नोटों से भरी 21 पेटी ली गई हैं।

पीयूष जैन के घर में मिला तहखाना
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इत्र कारोबारी पीयूष जैन के घर पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों को तहखाना भी मिला है। 150 करोड़ रुपये बरामद करने के बाद छापे की पहली खेप खो 13 डिब्बों में, दूसरी खेफ में 17 डिब्बों में रखकर ले जाया गया है। कानपुर के जूही स्थित आनंदपुरी में कारोबारी पीयूष जैन के घर से मिला सारा पैसा रिजर्व बैंक भेजे जा रहे हैं।

पीयूष जैन के कन्रौज वाले घर से भी मिले 4 करोड़
बता दें कि आईटी टीम ने पीयूष जैन के कन्रौज वाले घर में भी छापेमारी की थी, जहां से 4 करोड़ कैश और गहने बरामद हुए हैं। हालांकि ये पैसे और जेवरात सिर्फ 2 ही कमरे से बरामद किए गए हैं। अभी 12 कमरे और खुलने बाकी हैं। पीयूष जैन के बेटे प्रत्यूष को डीजीजीआई टीम उनके कन्नौज के सील बंद घर में लेकर गई थी।

अखिलेश यादव के करीबी हैं पीयूष जैन
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज दोनों जगहों पर घर है। इसके अलावा उसका मुंबई में भी एक घर, हेड ऑफिर और शोरूम है। पीयूष का कन्नौज में परफ्यूम फैक्ट्री, कोल्ड स्टोर, पेट्रोल पंप है। पीयूष जैन की कंपनी का रिजस्ट्रेशन मुंबई में भी है। आयरकर विभाग के मुताबिक पीयूष जैन के पास लगभग 40 कंपनियां हैं, जिसमें से दो कंपनियां मिडिल ईस्ट में हैं। पीयूष जैन उस इत्र लॉबी के एक मेंबर हैं, जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव के काफी करीबी हैं।












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