Kanpur Dehat: वृद्ध महिला की पीड़ा सुनकर भावुक हुई डीएम नेहा जैन, कुर्सी छोड़कर लगाया गले...पोंछे आंसू
Kanpur Dehat DM Neha Jain का एक भावुक कर देना वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डीएम नेहा जैन एक 77 साल की बुजुर्ग महिला को गले लगते हुए और उनके आंसू पोंछे हुए नजर आ रही है।

Kanpur Dehat DM Neha Jain: कानपुर देहात की डीएम नेहा जैन का विवादों से पुराना नाता रहा है। लेकिन, इस बार उनका नाम किसी विवाद के चलते नहीं, बल्कि उनकी दरियादिली के लिए मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ हैं। जी हां...धौकलपुर गांव की एक 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला हाथ में एक शिकायती पत्र लेकर डीएम के सामने पहुंची।
डीएम नेहा जैन ने जैसे बुजुर्ग महिला का शिकायती पत्र तो वह भावुक हो गई और अपनी कुर्सी को छोड़कर बुजुर्ग महिला को गले से लगा लिया। यह देखकर वहां मौजूद अन्य अधिकारी और फरियादी भी आश्चर्यचकित रह गए। इस दौरान डीएम नेहा जैन ने बुजुर्ग मां के आंसू पोंछे और अपने गले से लगाया।
इस दौरान वहां मौजूद फरियादियों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी पसंद भी किया जा रहा है और यूजर्स इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। बता दें कि 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला कुसुम सिंह अपने बेटे और बहू की शिकायत लेकर डीएम के पास पहुंची थीं।
बुजुर्ग महिला द्वारा डीएम नेहा जैन को दिए गए शिकायती पत्र की शुरुआत प्रिय डीएम बिटिया से की गई थी। पत्र के अंत में बुजुर्ग महिला ने लिखा था कि शुभकामनाओं सहित आपकी दादी मां। बस यही सब पढ़कर डीएम भावुक हो गईं और उन्होंने तत्काल कुर्सी छोड़कर उसे गले लगा लिया और उनकी समस्या सुनीं।
इस दौरान डीएम नेहा जैन ने बुजुर्ग महिला से खाने और पानी के लिए भी पूछा। इस पर बुजुर्ग महिला ने कहा कि वह रोटी चटनी और पानी लेकर आई हैं, जिसे भूख लगने पर खा लेंगी। महिला से जब डीएम ने शिक्षा के बावत पूछा तो उन्होंने बताया कि वह कक्षा पांच पास हैं।
देखें वीडियो...
पहले काफी समय तक पड़ोस के बच्चों को शिक्षित करने का प्रयास भी करती रहीं हैं, इसलिए लिखना पढ़ता बेहतर ढंग से आता है। फिलहाल महिला का आत्मविश्वास, राइटिंग देखकर डीएम और उनके अफसर तारीफ करते नजर आए। बुजुर्ग महिला ने डीएम नेहा जैन को बताया कि वर्ष 1981 में पति छविनाथ सिंह की कैंसर से मौत हो गई थी।
वह कोलकाता में नौकरी करते थे और उनकी मौत के बाद जमीन बेटे के नाम आ गई। जिसके बाद बेटे ने उनकी देखभाल करना बंद कर दिया। खाना-पानी देना भी बंद कर दिया। वृद्धा अब एक-एक रुपये के लिए मोहताज है। वृद्धा को पता चला कि डीएम महिलाओं की बात बहुत गंभीरता से सुनती हैं और समस्या का निराकरण करती हैं।
इसी उम्मीद में वह अपना दर्द चिट्ठी में लिखकर उनके (डीएम नेहा जैन) के पास आई थी। बुजुर्ग महिला की बात सुनकर डीएम ने एसडीएम भोगनीपुर महेंद्र कुमार को फोन किया और बुजुर्ग महिला की समास्या को तुरंत निस्तारण करने के आदेश दिए। इसके बाद वृद्ध महिला को सरकारी गाड़ी से एसडीएम के पास भेज दिया गया।
महिला ने लेखपाल हरीराम पर आरोप लगाया कि गिरदौं गांव में उसकी कुछ जमीन है, जिसे वह उसके नाम दर्ज नहीं कर रहा है। अगर वह जमीन उसके नाम आ जाए तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उसे मिल जाएगा।












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