कानपुर: गंगा नदी में मरी मिली हजारों मछलियां, जांच के लिए भेजे गए पानी के सैंपल
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा गंगा बैराज के अटल घाट पर हजारों की संख्या में मरी हुई मछलियां पड़ी मिलीं। भारी तादाद में मछलियों के मरने से हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने गंगा बैराज के अटल घाट पर पानी के सैंपल लिए। डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि पानी के नमूने लेकर जांच करने के लिए भेजा गया है।

हजारों की संख्या में मरी मिली मछलियां
मंगलवार की सुबह अटल घाट पर हजारों की संख्या में मरी मछलियां मिलीं। मछलियों को देखकर लोगों ने अधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे प्रदूषण विभाग के अफसरों ने अटल घाट पर पानी के सैंपल लिए। डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि घाट पर मछलियों के मरने की जानकारी हुई है। प्रदूषण विभाग की टीम को पानी के नमूने लेकर जांच करने के लिए भेजा गया है। जांच से सामने आएगा कि गंगा में मछलियों की मौत क्यों हुई है। सामाजिक संगठन गंगा प्रहरी के सदस्य रामजी त्रिपाठी के मुताबिक, गंगा के पानी में ऑक्सीजन की कमी है। नदी में नहाने वालों को भी खुजली की समस्या हो रही है। उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। पानी की दोबारा जांच के लिए पॉल्यूशन विभाग ने सैंपल भी लिया था।
सरकार ने किया था ये दावा
बता दें, कुछ समय पहले ही अटल घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे। यहां से गंगा की तमाम योजनाओं पर बैठक करके गंगा की हालत की जानकारी ली थी। सरकार ने दावा किया था कि अब किसी भी हालत में गंगा का पानी दूषित नहीं होने दिया जाएगा। नमामि गंगे की बैठक से पहले सीएम योगी ने गंगा नदी में नालों के दूषित पानी का प्रवाह पूरी तरह से बंद करा दिया गया था। 127 साल पुराने सीसामऊ नाले को टैप कराकर दूषित जल प्रवाह रोकने के साथ वहां सेल्फी प्वाइंट बना दिया गया था। इस जगह पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सेल्फी ली थी। अब एक बार फिर से गंगा का पानी दूषित होने की आशंका जताई जा रही है।












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