VIDEO: गांव का प्रधान अमीर बनने की चाहत में बना इनामी बदमाश, सलाखों के पीछे से ही जीता था
uttar pradesh crime news, कन्नौज। उत्तर प्रदेश में पुलिस ने कन्नौज के थाना सौरिख क्षेत्र में दहशत का दूसरा नाम बन चुके कुख्यात अपराधी को दबोच लिया है। मोहित यादव नाम के इस अपराधी पर विभिन्न थानों में लूट-अपहरण और हत्या के 25 मुकदमे दर्ज थे। कई बार यह पुलिस की पकड़ से भाग निकला था और छुपकर लोगों से रंगदारी वसूलता था। यह वैसे तो एक गांव का प्रधान रहा, लेकिन अमीर बनने की चाहत में इनामी बदमाश बन बैठा। पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम रखा था।

सौरिख पुलिस के हत्थे चढ़ा इनामी प्रधान
जानकारी के मुताबिक, मोहित यादव खानपुर गांव का प्रधान हुआ करता था। अमीर बनने की चाहत में वह गलत राह पर चल पड़ा। अब उसके ऊपर दो दर्जन से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह हर बार पुलिस की पकड़ से बच निकलता था। सौरिख में वह बीते दिनों जब वह एक टेक्निीशियन से रंगदारी वसूलने आया तो पुलिस ने उसे धर दबोचा। हालांकि, उसका साथी राहुल यादव जो कि अभियुक्त का सगा भाई ही था, वह फिर भी पकड़ से दूर हो गया। अब पुलिस राहुल की तलाश कर रही है।

सगा भाई भी है बड़ा बदमाश
एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार, पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सोमवार को प्रधान मोहित यादव एक मोबाइल टावर कंपनी के टेक्नीशियन से रंगदारी वसूलने आया है। हमीरपुर जिले के कुरारा सदर बाजार निवासी सुघेंद्र कुमार पुत्र बनवारी लाल गुप्ता भारती इंफ्राटेल कंपनी में टेक्नीशियन हैं। वह सौरिख क्षेत्र के गांव खानपुर और परौर में लगे मोबाइल कंपनी के टॉवरों की तकनीकी देखभाल करते हैं। सुघेंद्र खानपुर गांव में किराए पर रहते हैं। जैसे ही मोहित सुघेंद्र के यहां धमका, तभी पुलिस ने छापा मारा। वह तो पकड़ लिया गया। मगर, उसका भाई फरार हो गया है। यादव पर हत्या, लूट, अपहरण और डकैती समेत करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं। पहले रंगदारी मांगने में जेल गया था, जिसके बाद जमानत पर बाहर आया था।

पीड़ित ने बताया दोनों भाई ऐसे धमका रहे थे
पीड़ित सुघेंद्र का कहना है कि खानपुर गांव के प्रधान मोहित यादव भाई राहुल यादव के साथ मिलकर रंगदारी वसूलते हैं। हर दसवें दिन रंगदारी में 14 हजार रुपये लेते हैं। तीन माह में एक लाख 26 हजार रुपये वसूल चुके हैं। पंद्रहवें दिन 40 हजार रुपये की मांग की। इतनी रकम देने में असमर्थता जताने पर मोहित और राहुल दोनों ने हमें जान से मारने की धमकी दी। तब सोमवार रात पुलिस की कार्रवाई हुई। कार्रवाई उस समय हुई जब, वे रात पैसा लेने जाते समय खानपुर तिराहे के पास से गुजर रहे थे। वहीं, एसओ राजकुमार सिंह ने फोर्स के साथ घेराबंदी कर मोहित को दबोच लिया, लेकिन राहुल भाग निकला। मोहित के पास से पुलिस ने एक तमंचा और चार कारतूस भी बरामद किए।
जेल के अंदर से ही लड़कर जीता था चुनाव
बताया जाता है कि अपने क्षेत्र खानपुर में दहशत का पर्याय बन चुके मोहित यादव ने प्रधानी का चुनाव जेल रहते ही लड़ा था, और उसकी दहशत गर्दी के चलते उसने प्रधानी के चुनाव में जीत भी हासिल की थी। इस बात का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद ने मीडिया के सामने कही। पुलिस ने अधीक्षक ने बताया कि मोहित यादव तीन महीने पहले ही रंगदारी मांगने के मामले में जेल जा चुका था, और एक माह पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था।












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