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पैदल घर लौट रहे मजदूर की सड़क पर मौत, तीन दिन से था भूखा

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कन्नौज। कोरोना वायरस के चलते देशभर में जारी लॉकडाउन का सबसे बुरा असर श्रमिकों, गरीब मजदूरों और कामगारों पर हुआ है। अलग-अलग राज्यों से भूखे-प्यासे अपने घरों की ओर लौट रहे इन मजदूरों को स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। लगातार हो रहे हादसों में अब तक दर्जनों मजदूरों बेमौत मर चुके हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज का है, जहां चिलचिलाती घूप और प्रचंड गर्मी में भूखे पेट पैदल चल रहे एक मजदूर से सड़क पर ही दम तोड़ दिया। मजदूर मुंबई से ट्रक के जरिए कन्नौज आया था और हरदोई जाने के लिए पैदल सफर पर निकला था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मजदूर तीन दिन से भूखा था।

लॉकडाउन में छिना काम, घर लौट रहा था मजदूर

लॉकडाउन में छिना काम, घर लौट रहा था मजदूर

हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के सेटियापुर निवासी विक्रम मुंबई में रहकर दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। लॉकडाउन के चलते उसका काम छिन गया था। जब वहां गुजारा करने का कोई रास्ता नहीं बचा तो वह 14 मई को ट्रक द्वारा अपने कुछ साथियों के साथ हरदोई के लिए निकला। ट्रक वाले ने कन्नौज के मेहंदी घाट मोड़ पर इन सभी को रात 3:00 बजे उतार दिया। यह सभी लोग पैदल ही कन्नौज से हरदोई के लिए चल दिए। इनके साथ के सभी लोग आगे निकल गए और यह वाणिज्य कर भवन के पास बैठ गया, जहां उसकी मौत हो गई।

एसडीएम ने कहा- नहीं थी कोई बीमारी

एसडीएम ने कहा- नहीं थी कोई बीमारी

जानकारी लगते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सदर एसडीएम के साथ सीओ सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। मामले में एसडीएम सदर शैलेश कुमार का कहना है कि मजदूर 14 मई को मुंबई से अपने कुछ साथियों के साथ ट्रक द्वारा हरदोई के लिए निकला था। बिस्कुट और पानी के सहारे मुंबई से कन्नौज तक का सफर तय किया। किसी प्रकार कोई बीमारी की बात सामने नहीं आ रही है। बता दें, लॉकडाउन के बीच सैकड़ों-हजारों की संख्या में रोज मजदूर अपनें घरों की ओर लौट रहे हैं।

मजदूरों ने कहा- महामारी से भले बच जाएं, भूख से मर जाएंगे

मजदूरों ने कहा- महामारी से भले बच जाएं, भूख से मर जाएंगे

उधर, र‍विवार को प्रवासी श्रमिकों के एक समूह ने कहा कि यूपी पुलिस ने उन्हें मयूर विहार एक्सटेंशन के पास दिल्ली-यूपी सीमा पर रोक दिया है। मजदूरों ने कहा कि पुलिस उन्हें वापस जाने के लिए कह रही है। मजदूरी करने वाली महिला सुनीता ने बताया कि मकान मालिक ने उस कमरे को बंद कर दिया है, जिसमें वह रह रही थी और वह किराया मांग रहा था। उसके पास पैसा नहीं है। वह कहां जाएगी। महिला ने बताया कि पिछले तीन दिनों से कुछ भी नहीं खाया है। ऐसे में वह भूख से ही मर जाएगी, भले ही महामारी से बच जाए।

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English summary
hungary migrant labour died on road in kannauj
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