कांगड़ाः जिस दफ्तर में पिता चपरासी उसी ऑफिस में बेटी बनी एक दिन के लिए SDM
कांगड़ा। साल 2001 में एक बॉलीवुड फिल्म आई थी नायक। इस मूवी में एक दिन के लिए एक पत्रकार को सीएम की कुर्सी दी गई थी। यह तो रील (Reel) लाइफ का सीन था, लेकिन कांगड़ा में कुछ इसी तरह का रियल लाइफ सीन देखने को मिला है। एसडीएम कांगड़ा जतिन लाल ने दसवीं की परीक्षा में 94 फीसदी अंक हासिल करने वाली अपने दफ्तर के चपरासी की बेटी को एक दिन की एसडीएम बनाया है। बेटी ने मेरिट में 34वां स्थान हासिल किया है। 14 साल की हिना ठाकुर सुबह 11 बजे से एसडीएम कांगड़ा की कुर्सी पर बैठी हैं और अब दिनभार का कामकाज देख रही हैं।

एसडीएम जतिन लाल हिना के साथ मौजूद हैं। हिना ऑफिस की बैठकें एसडीएम के मार्गदर्शन में ले रही हैं। साथ ही जो भी लोग समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं, उन्हें एसडीएम के मार्गदर्शन में सुलझा रही हैं। हिना ठाकुर का कहना है कि यह उनके लिए सपने की तरह है और वह काफी खुश हैं। एसडीएम सर ने मुझे सपना दिखाया है, उसे मैं पूरा करूंगी। हीना ने कहा कि वह बचपन से ही आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं।
हीना गुरुदत एंग्लो वैदिक स्कूल में पढ़ती हैं और मूल रूप से शिमला जिले की रहने वाली हैं। पिता यहां नौकरी करते हैं और किराये पर रहते हैं। एसडीएम जतिन लाल ने बताया कि मुझे दफ्तर के कर्मचारी ने बताया कि उसकी बेटी ने दसवीं में 94 फीसदी अंक हासिल किए हैं तो मुझे लगा कि उसे सम्मानित किया जाए। साथ ही उसे करियर के बारे में गाइड किया जाए।

बेटी को जब सम्मानित करने के लिए कार्यालय बुलवाया तो उसने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती है। फिर मैंने सोचा कि हीना को एक दिन की एसडीएम बनाया जाए। मुझे लगा कि बेटियों को प्रोमोट किया जाना चाहिए। क्योंकि वह बेटों से कम नहीं हैं। उन्हें प्रोत्साहन मिलना चाहिए। बस यही सोचकर हीना को एक दिन के लिए एसडीएम बनाया गया है, ताकि और लोग भी इससे प्ररेणा ले सकें।
एसडीएम ने बताया कि हीना ही सबकुछ संभाल रही हैं और वह उसे केवल गाइड कर रहे हैं। एसडीएम जतिन लाल के साथ हिना और दफ्तर में पहुंचे लोग। हीना के पिता ने कहा कि उन्हें खुशी है कि एसडीएम साहब ने यह कदम उठाया है। इससे दूसरे बच्चों को भी प्ररेणा मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वह जब नौकरी पर लगे थे, उनकी शुरू से ही तमन्ना थी कि बेटी को अच्छी शिक्षा और बाद में नौकरी लगे। बता दें कि हिमाचल बोर्ड दसवीं के नतीजे हाल ही में घोषित किए गए थे। इसमें कांगड़ा के समलौटी गांव की दो बेटियों तनु ने पहला स्थान और शगुन ने तीसरा स्थान हासिल किया था। दोनों बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ती हैं।












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