लेस्बियन बीवी ने इलेक्ट्रिक कटर से टुकड़ों में काटी पति की बॉडी, पुरुषों से करती थी नफरत
जोधपुर। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में बुधवार को एक युवक का शव टुकड़ों में बहते हुए मिला था। इस सनसनीखेज हत्याकांड का जोधपुर पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। लेकिन पुलिस ने जो खुलासा किया है उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। दरअसल, जोधपुर पुलिस ने बताया कि टुकड़ों में मिला शव चरण सिंह का है, जो 10 अगस्त से लापता था। चरण सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसकी पत्नी सीमा और दो साली, और एक साली के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। सीमा ने चरण सिंह को अपनी बहनों के घर बुलाकर नशीला पदार्थ और इंजेक्शन देकर मारा और फिर इलेक्ट्रिक कटर से हाथ-पैर और धड़ काटकर पॉलिथीन में पैक कर सीवर में फेंक दिया था।
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सुबह हाथ-पैर तो शाम को कटा हुआ मिला था सिर
डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को सुबह नांदड़ी गौशाला के पीछे एसटीएफ प्लांट (सीवरेज प्लॉन्ट) के पास एक अज्ञात व्यक्ति के कटे हुए हाथ, पैर और शाम को कटा हुआ सिर मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मानव अंगों को जिस थैलियों में फेंका गया जिसमें एक थेली आनंदपुर कालु और एक थैली मेडता सिटी के दुकान की थी। जिस पर पाली जिले और नागौर जिले में गुमसुदा लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि 10 अगस्त 2020 को गुम हुए चरणसिंह उर्फ सुशील चौधरी की गुमशुदगी 11 अगस्त 2020 को मेड़ता सिटी थाने में दर्ज हुई थी। गुमशुदा के फोटो मंगवाये जाकर चेहरे से मिलान किया तो समानता पायी गई।

सीमा और उसकी बहनों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए जोधपुर कमिश्नरेट के डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सीमा, उसकी बहनें प्रियंका, बबीता और बहनों का एक मित्र भीयाराम जो इस घटना में उनका सहयोगी था, उसको गिरफ्तार कर लिया है। चरणसिंह के शरीर के कुछ भाग तो नहीं मिले हैं, उनकी तलाश जारी है। इलेक्ट्रिक कटर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। शुक्रवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। डीसीपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सीमा और चरण सिंह का बचपन में विवाह हो गया था। पिछले कई दिनों से गौना को लेकर बातचीत चल रही थी लेकिन सीमा यह नहीं चाहती थी।

लड़कों से करती थी नफरत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा और चरण सिंह का विवाह बचपन में हो गया था। चरण सिंह अपनी पत्नी सीमा को ससुराल आने के लिए दबाव डालने लगा था, जो उसे नागवार गुजरा। सीमा ने अपनी बहनों को साथ मिलाकर चरण सिंह को रास्ते से हटाने के लिए खौफनाक षडयंत्र रच दिया। सीमा ने अपने पति चरण सिंह को अपनी बहनों के घर जोधपुर के बनाड़ में बुलाया। इस दौरान सीमा ने गौना के मामले को लेकर प्रेम से बातें की और फिर चरण सिंह को जूस में नशीला मिलाकर पिला दिया और उसके बाद कुछ इंजेक्शन भी लगाए जिसके बाद चरण सिंह बेसुध हो गया। इतना ही नहीं, घर के बाथरूम में इलेक्ट्रिक कटर से उसके हाथ-पैर और धड़ काट दिया। यह गुस्सा करने की सीमा के पास सिर्फ एक ही वजह थी कि वह लड़कों से नफरत करती थी।

सीमा के कई लड़कियों से थे संबंध
पुलिस सूत्रों का कहना है कि 2 दिन की पड़ताल में यह पता चला है कि सीमा के कई लड़कियों से संबंध थे और वह पुरुषों से सख्त नफरत करने लगी थी। इस दौरान जब चरण सिंह के परिवार की ओर से बाल विवाह को विवाह में बदलने का दबाव बढ़ा तो सीमा ने तय कर लिया कि वह चरण सिंह के साथ कभी नहीं जाएगी। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक चरण सिंह उर्फ सुशील मेड़ता का निवासी था और कृषि विभाग में अधिकारी था। उसका सीमा नाम की लड़की से 2013 में बाल विवाह हुआ था। शादी के बाद लगभग 7 साल तक सीमा अपने घर पर ही रही। वह चरण सिंह के पास नहीं गई। तो वही, मृतक चरण सिंह उर्फ सुशील जाट अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक संबंध बनाना चाहता था। लेकिन उसकी पत्नी सीमा ने उसे मना कर दिया और इस बात को लेकर दोनों के बीच काफी विवाद भी हुए था।












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