कार्तिका गहलोत की सक्‍सेस स्‍टोरी : हाई कोर्ट जजों की गाड़ी चलाने की बेटी भी बनी जज

कार्तिका गहलोत की सक्‍सेस स्‍टोरी :

जोधपुर, 22 सितम्‍बर। आरजेएस 2021 का परिणाम जारी होने के बाद सफलता की कई ऐसी कहानियां सामने आई हैं, जो युवाओं को हिम्‍मत नहीं हारने, मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं। जोधपुर की बेटी कार्तिका गहलोत ने भी सिविल जज परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल की है। अपने पहले ही प्रयास में बाजी मारने वाली कार्तिका ड्राइवर की बेटी है। इसने जोधपुर की उत्कर्ष क्लासेस की ऑनलाइन विद्यार्थी के रूप में आरजेएस की तैयारी की।

RJS 2021

मीडिया से बातचीत में कार्तिका ने बताया कि उनके पिता राजेन्द्र गहलोत बीते 31 साल से राजस्‍थान हाई कोर्ट के जजों के लिए ड्राइवरी करते हैं। पिता ने खूब पढ़ाया लिखाया और आगे बढ़ने का मौका दिया। नतीजा सबके सामने है। बेटी को जज बनाने की ख्‍वाहिश लेकर पिता ने जेएनवीयू से एलएलबी करवाई।

बेटी की सफलता पर पिता राजेंद्र गहलोत की आंखें भर आईं। उन्‍होंने कहा कि अपनी बेटी में एक भावी न्यायाधीश तभी देख लिया था जब उसने छठी कक्षा में बालपन से ही सही मगर काला कोट पहनने का इरादा जता दिया था।
खुद आगे ड्राइवर की सीट पर बैठते थे लेकिन सपना था बेटी को पीछे की सीट पर देखना था। हाई कोर्ट के जजों के लिए कार चलाते चलाते अक्‍सर सोचा करता था कि एक दिन बेटी को भी ऐसे ही बतौर जज कार में बैठता देखूंगा। यह सपना आज पूरा हो गया।

RJS 2021

कार्तिका ने बताया कि साल 2020 में एलएलबी के अंतिम पड़ाव से पहले ही आरजेएस प्री परीक्षा के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन दिल और दिमाग में तैयारी साक्षात्कार तक की चल रही थी। पिता के सपने को पूरा करने के लिए रोजाना कम से कम 4-5 घंटे पढ़ाई करती थी। एमसीक्यू प्रश्नों व टेस्ट सीरीज के निरंतर अध्ययन को भी प्राथमिकता में रखने पर जोर दिया।

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