राजपूत सगी बहनों का कमाल, भारतीय सेना में दिव्या भाटी बनीं कैप्टन तो डिम्पल भाटी लेफ्टिनेंट
जोधपुर, 31 दिसम्बर। राजस्थान के जोधपुर जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर बावड़ी तहसील में एक गांव है अणवाना। यहां के राजपूत परिवार की दो बेटियों वो कर दिखाया है, जो संभवतया राजस्थान में पहली बार हुआ है। दोनों सगी बहनों ने भारतीय सेना ज्वाइन की है। एक कैप्टन तो दूसरी लेफ्टिनेंट है।

अफसरों बेटियों के पिता का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में भगवान सिंह भाटी ने अपनी दोनों बेटियों की सफलता की पूरी कहानी बयां की है। दोनों बेटियों पर गर्व करते हुए भाटी कहते हैं कि बेटियों ने राजपूत समाज ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है।

कौन हैं ये अफसर सगी बहनें?
यह कहानी है जोधपुर के गांव अणवाना निवासी 26 वर्षीय दिव्या भाटी और उसकी छोटी 23 वर्षीय बहन डिम्पल भाटी की। ये राजस्थान ग्रामीण बैंक पाली की अंकेक्षण शाखा से रिटायर हुए भगवान सिंह भाटी व गृहिणी गेंदकंवर की बेटी हैं। इनका भाई धूर्व प्रताप सिंह भाटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

कैप्टन दिव्या भाटी लीगल ब्रांच में
बड़ी बहन दिव्या भाटी ने मार्च 2019 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। वर्तमान में ये उधमपुर में सेना की लीगल ब्रांच में कार्यरत है। इनकी सगाई धमोरा गांव के अरमान सिंह शेखावत से हुई है। शेखावत भारतीय सेना में मेजर हैं। इनकी छह फरवरी को शादी है।

लेफ्टिनेंट डिम्पल भाटी ने पूरा किया प्रशिक्षण
भगवान सिंह भाटी ने बताया कि उनकी छोटी डिम्पल भाटी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट हैं। 20 नवंबर 2021 को ही डिम्पल ने अपना 11 माह का प्रशिक्षण पूरा किया है। इसके बाद घर आई और 15 दिन रुककर वापस लौट गई। वर्तमान में डिम्पल श्रीनगर में भारतीय सेना की सिंग्नल कोर में पोस्टेड हैं।

पासिंग आउट परेड में जीता रजत पदक
बता दें कि डिम्पल भाटी बहुमुखी प्रतिभा की धनी है। 11 महीने के कठिन शारीरिक और सैन्य प्रशिक्षण के बाद अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए), चेन्नई की पासिंग आउट परेड में डिम्पल को रजत पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कोर्स के दौरान 180 पुरुषों और महिलाओं के बीच दूसरा स्थान प्राप्त किया।












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