PM Modi in Jodhpur: पीएम नरेंद्र मोदी 25 को जोधपुर आ रहे, 2500 जवानों को सुरक्षा का जिम्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक दिवसीय दौरे पर राजस्थान के जोधपुर आएंगे। पीएम जोधपुर में राजस्थान हाई कोर्ट के प्लैटिनम जुबली समारोह में शिकरत करेंगे।
जोधपुर में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में होने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी के दौरे में सुरक्षा की जिम्मेदारी 25 सौ जवानों को सौंपा गया है।

पीएम मोदी के जोधपुर दौरे को देखते हुए राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी यहां आ रहे हैं। इनके अलावा राज्यपाल और CJI भी जोधपुर में रहेंगे। शुक्रवार को राजस्थान पुलिस के डीजीपी यूआर साहू ने भी जोधपुर पहुंचकर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारी का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक की।
शनिवार को पीएम मोदी के दौरे को लेकर दिनभर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। जोधपुर पुलिस लाइन मैदान में प्रदेशभर के आए हुए पुलिस अधिकारी और जवानों की जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने बैठक लेकर उन्हें वीआईपी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और उनकी जिम्मेदियों के बारे में बताया।

राजस्थान उच्च न्यायलय का इतिहास
राजस्थान एक राज्य बनने से पहले रियासतों में खुद के उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय हुआ करते थे।बीआर पटेल, लेफ्टिनेंट कर्नल टी.सी.पुरी और श्री एस.पी.सिंह की एक समिति ने सिफारिश के आधार पर जयपुर को नए राजस्थान राज्य की राजधानी और उच्च न्यायालय को जोधपुर में स्थापित किया गया।
राजस्थान राज्य का उद्घाटन 30 मार्च, 1949 को हुआ और तत्समय जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और अलवर में कार्यरत पाँच रियासतकालीन उच्च न्यायालयों को राजस्थान उच्च न्यायालय अध्यादेश, 1949 द्वारा समाप्त कर दिया गया और राजस्थान में उच्च न्यायालय, जोधपुर का उद्घाटन किया गया।
29 अगस्त 1949 को राजप्रमुख महामहिम महाराजा सवाई मान सिंह द्वारा 11 माननीय न्यायाधीशों को शपथ दिलाई गई। प्रारंभ में उच्च न्यायालय द्वारा जयपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा स्थानों से भी सुनवाई की गयी।

26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया और न्यायाधीशों की संख्या को घटाकर 6 कर दिया गया। बीकानेर, कोटा और उदयपुर की बेंच को 22.05.1950 से समाप्त कर दिया गया, लेकिन जयपुर बेंच निरंतर रही।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 49 के तहत नवीन उच्च न्यायालय स्थापित हुआ जिसकी मुख्य पीठ जोधपुर में स्थित की गयी। पी.सत्यनारायण राव, वी.विश्वनाथन और बी.के.गुप्ता की समिति की रिपोर्ट पर जयपुर खंडपीठ को वर्ष 1958 में समाप्त कर दिया गया था।
राजस्थान का उच्च न्यायालय (जयपुर में स्थायी पीठ की स्थापना) आदेश, 1976 द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर पीठ को फिर से जयपुर में स्थापित किया गया और 30.01.1977 से जयपुर पीठ ने कार्य करना शुरू किया।
राजस्थान उच्च न्यायालय में 50 माननीय न्यायाधीशों की पद-संख्या अनुमोदित है। जोधपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय के भव्य नवीन भवन का लोकार्पण भारत के माननीय राष्ट्रपति महोदय द्वारा 07.12.2019 को किया गया था।
नवीन उच्च न्यायालय भवन में 22 न्यायालय कक्ष हैं।जयपुर में खंडपीठ वर्तमान में वर्ष 2006 में निर्मित भवन में कार्यरत है जो पुराने हेरिटेज भवन के समीप स्तिथ है। जोधपुर और जयपुर के दोनों उच्च न्यायालय परिसर में कुल 46 न्यायालय कक्ष हैं। राजस्थान राज्य में कुल 36 न्याय क्षेत्र कार्यरत हैं जिनमें 1250 से अधिक अधीनस्थ अदालतें हैं।
मनीष पटेल का इस्तीफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी य चंद्रचूड़ के जोधपुर आगमन के ठीक पहले राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल के बेटे मनीष पटेल ने अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। मनीष की नियुक्ति को लेकर विधानसभा में काफी सवाल उठे थे और इसी मुद्दे पर कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर को 6 महीने के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था जिसके विरोध में विधानसभा में विपक्ष ने रात भर धरना दिया था। हालांकि सरकार की ओर से इस नियुक्ति को पूरी तरह नियमानुसार बताया गया था लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के जोधपुर आने के पहले दिन यह इस्तीफा कुछ और ही इशारा करता है।












Click it and Unblock the Notifications