Dharmendra Pradhan Caste: धर्मेंद्र प्रधान की क्या है जाति? NEET पेपर लीक के बाद विपक्ष के निशाने पर मंत्री
Dharmendra Pradhan Caste: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है, पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों के बीच अब इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं, कांग्रेस उनकी लगातार आलोचना कर रही है।
तो वहीं इस बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने फिलहाल कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। मालूम हो कि धर्मेंद्र प्रधान देश के चर्चित नेताओं में से एक हैं। ओडिशा की धरती से निकलकर दिल्ली की सत्ता के केंद्र तक पहुंचने वाले धर्मेंद्र प्रधान अपनी तेजतर्रार शैली, संगठन क्षमता और प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते हैं।

छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र प्रधान कुर्मी जाति से ताल्लुक रखते हैं और अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान की कास्ट के बारे में अक्सर सवाल किया जाता है, वो इस बारे में संसद में भी बता चुके हैं।
धर्मेंद्र प्रधान को राजनीति विरासत में मिली
26 जून 1969 को ओडिशा के तलचर में जन्में धर्मेंद्र प्रधान के पिता देबेंद्र प्रधान भी भारतीय राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं, वो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। राजनीतिक माहौल में पले-बढ़े धर्मेंद्र प्रधान को बचपन से ही जनसेवा और राजनीति की समझ मिली।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ Dharmendra Pradhan का सफर
धर्मेंद्र प्रधान ने उत्कल विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र (Anthropology) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दिनों में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई। वे जल्द ही युवा राजनीति में सक्रिय चेहरा बन गए। उनकी संगठन क्षमता ने बीजेपी नेतृत्व का ध्यान खींचा और वे धीरे-धीरे पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता बन गए।
ओडिशा से दिल्ली तक Dharmendra Pradhan ने बनाया मजबूत नेटवर्क
साल 2000 में धर्मेंद्र प्रधान पहली बार ओडिशा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2004 में वे लोकसभा सांसद बने। बीजेपी संगठन में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। प्रधानमंत्री मोदी के करीबी नेताओं में शामिल धर्मेंद्र प्रधान मोदी सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय जैसी अहम जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
विपक्ष के निशाने पर धर्मेंद्र प्रधान
शिक्षा मंत्री बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान नई शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने, डिजिटल एजुकेशन और स्किल आधारित पढ़ाई पर लगातार जोर देते रहे हैं। हालांकि NEET, परीक्षा सुधार और NTA विवाद जैसे मुद्दों पर उन्हें विपक्ष के सवालों का सामना भी करना पड़ा था।
क्यों खास हैं धर्मेंद्र प्रधान?
धर्मेंद्र प्रधान उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने संगठन से लेकर सरकार तक हर स्तर पर खुद को साबित किया। ओडिशा में बीजेपी को मजबूत करने में भी उनकी बड़ी भूमिका मानी जाती है। उनकी साफ-सुथरी छवि, तेज भाषण शैली और रणनीतिक राजनीति उन्हें बीजेपी के बड़े चेहरों में शामिल करती है।
अबकी बार.. पेपर लीक सरकार pic.twitter.com/JZZ2YWw3zj
— Congress (@INCIndia) May 12, 2026














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