गैंगस्टर हितेंद्र पाल ने 9 राज्यों की 500 लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया, जोधपुर से सगी बहनों को भगा ले गया

मीडिया से बातचीत में जोधपुर डीसीपी अमृता दुहन ने बताया कि हितेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसने ओला पार्टी फ्रेंडशिप ऐप पर उसने अंश नाम से फर्जी आईडी बना रखी थी। यहां पहले लड़कियों से दोस्ती करता और इसके बाद शादी का झांसा देकर रेप करता था।
पुलिस जांच में पता चला कि नौ राज्य राजस्थान, असम, दिल्ली, बिहार, पुणे , महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व हिमाचल जैसी जगहों की करीब 500 लड़कियों को अपने जाल में फंसा चुका है। कुख्यात गैंगस्टर हितेंद्र लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर उनके पैसों से अय्याशी करता था। वह किसी भी शहर में 15-20 दिन से ज्यादा नहीं रहता था। अपनी आईडी व पहचान बदलता रहता था। सोशल मीडिया पर ओला पार्टी एप पर वह खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताता था।
हितेंद्र ने जोधपुर की दो बहनों को भी अपने जाल में फंसाया और उनको भगाकर भोपाल ले गया। उसने फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे, जिसमें एक को पत्नी और दूसरी को बहन बताया था। जोधपुर पुलिस जब हितेंद्र को भोपाल से पकड़ कर लाई तो उससे कई खुलासे किए। जोधपुर के माता के पुलिस थाने में 18 नवंबर को रिपोर्ट दी कि उसकी 21 और एक 16 साल की बेटी 16 नवंबर को लापता हो गई। जब उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की तो सामने आया कि उनका किराएदार हितेंद्र पाल (43) लेकर भाग गया है। हितेंद्र की दोस्ती उनके लड़के से ओला पार्टी फ्रेंडशिप ऐप के जरिए हुई थी।
इधर, हितेंद्र पाल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यूपी में 10 फरवरी 2006 को महाकुंभ से लौटते समय हड़िया में संत ज्ञानेश्वर के काफिले पर हमला हुआ था। इसमें ज्ञानेश्वर समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। हितेंद्र पाल का दावा है कि उसने एके 47 से संत का मर्डर किया था। 19 साल पहले हितेंद्र ने बैडमिंटन प्लेयर मनोज तिवारी की हत्या की थी। उसने AK-47 से बाराबंकी में संत ज्ञानेश्वर की हत्या की थी। हितेद्र पाल ने पहला मर्डर 22 वर्ष की उम्र में कर दिया था। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी हितेंद्र पाल गडरिया बैडमिंटन खेलता था। 2003 में काशीपुर स्टेडियम में बैंडमिंटन प्लेयर मनोज तिवारी से विवाद के बाद हत्या कर दी।












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