Indian Women Cricket Team को जोधपुर ने दी एक और 'मिताली राज', जानिए कौन हैं Disha Kasat?
Disha Kasat Cricketer Biography in Hindi: जोधपुर की खिलाड़ी दिशा कासट ने गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने से लेकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ए में जगह बनाने तक का पूरा सफर बयां किया है।
Disha Kasat jodhpur Rajasthan : भारतीय महिला क्रिकेट में राजस्थान के जोधपुर का बड़ा योगदान है। जोधपुर की बेटी मिताली राज ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जोधपुर ने देश को एक और 'मिताली राज' दी है। नाम है दिशा कासट।

दिशा कासट जोधपुर के ओसियां से
भारतीय महिला क्रिकेट टीम (ए) की खिलाड़ी दिशा कासट की जड़े जोधपुर के ओसियां से जुड़ी हैं। दिशा कासट के दादा परदादा ओसियां के तिवरी मथानिया के रहने वाले थे। पिता दीपक कासट महाराष्ट्र के जलगांव जिले के छोटे से गांव सातेलाव शिफ्ट हो गए थे और फिर वहीं के होकर रह गए। दिशा कासट को गर्व है कि वह मारवाड़ी परिवार से ताल्लुक रखती है।
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जोधपुर आईं क्रिकेटर दिशा कासट
जोधपुर में माहेश्वरी समाज के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जोधपुर आई दिशा कासट ने बताया कि साल 2021 में ही उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में जगह बना ली थी।
वे अपने माता पिता की इकलौती बेटी हैं। परिवार का क्रिकेट से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं। उन्होंने परिजनों के सपोर्ट व मेहनत के दम पर नवंबर 2022 में रायपुर छत्तीसगढ़ में खेली गई वुमेंस चैलेंजर ट्रॉफी T20 में दिशा हाईएस्ट स्कोरर रहीं हैं।

दिशा कासट ने जलगांव में ज्वाइन की क्रिकेट एकेडमी
दिशा कासट कहती हैं कि उनका बचपन सालेलाव गांव में बीता। यहां पर वह लड़कों के साथ गली में क्रिकेट खेला करती थी। गलियों में क्रिकेट खेलते-खेलते जलगांव में ही क्रिकेट एकेडमी जॉइन कर ली। दिशा की मां शारदा कासट को उसका क्रिकेट खेलना पसंद नहीं था। मां की सोच थी कि लड़कियों के लिए इंडोर गेम बैंडमिंटन, टेनिस बने हैं। क्रिकेट नहीं।

दिशा कासट ने 2012 में शुरू किया क्रिकेट खेलना
बल्लेबाजी के पैशन व खेलने की जिद ने दिशा कासट को बल्लेबाज बना दिया। ट्रेनिंग से खेल प्रतिभा और निखरती गई। दिशा ने नवंबर में रायपुर (छत्तीसगढ़) में वुमेंस चैलेंजर T20 ट्रॉफी में हिस्सा लिया और सबसे ज्यादा रन बनाए। साल 2012 से लगातार किक्रेट खेल रही दिशा कासट ने कॉलेज की पढ़ाई नागौर से की। कॉलेज के समय से ही विदर्भ के लिए खेलने लगी। ये मानती हैं कि मारवाड़ी होकर मराठी टीम के लिए खेलना इनके लिए गर्व की बात है।












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