जोधपुर में सलमान खान ने जिस हिरण का शिकार किया उसका कांकाणी में स्मारक बनेगा, प्रतिमा के सींग असली
जोधपुर, 12 अगस्त। राजस्थान के जोधपुर में जिस हिरण का बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने जिस हिरण का शिकार किया वो हिरण अब फिर सुर्खियों में है। वजह ये है कि उस हिरण का जोधपुर स्मारक बनाया जा रहा है। हिरण की प्रतिमा बनकर तैयार है। इसे जल्द ही जोधपुर के कांकाणी में उसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा जहां सलमान खान द्वारा शिकार के बाद उस हिरण को दफनाया गया था।

खास बात यह है कि हिरण की प्रतिमा लोहे और सीमेंट से बनाई गई है, जिसका वजन करीब 800 किलोग्राम है, मगर प्रतिमा में सींग हिरण के असली हैं। हिरण की शेप देकर सीमेंट को पकाया। फिर फीनिशिंग का काम हुआ। एक बार सीमेंट से हिरण की हूबहू आकृति बनने के बाद उस पर कलर पेंट किया। मूर्ति पर सींग सीमेंट या लोहे से बनाने के बजाय असली हिरण के लगाए। जंगल में मृत हिरण के अवशेष से सींग लाकर स्टैच्यू को लगाए गए हैं।
कांकाणी की 7 बीघा जमीन पर हिरण का विशाल स्मारक बनाया जा रहा है। वहां संत-महात्मा की तरह चिंकारा की समाधि भी होगी। वन्यजीवों खासकर हिरणों के लिए एक रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। यहां बीमार हिरणों का इलाज और उनकी देखभाल की जाएगी। हिरण की प्रतिमा जोधपुर के सिवांची गेट निवासी मूर्तिकार शंकर ने तैयार की है। इसके लिए महज 15 दिन का समय लगा।
बता दें कि अक्टूबर 1998 में जोधपुर के आसपास फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग हो रही थी। आरोप है कि एक्टर सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीलम व अन्य ने घोड़ा फार्म हाउस, भवाद और कांकाणी गांव में काले हिरण का शिकार किया। शिकार मामले में सलमान मुख्य आरोपी थे। उन्हें 20 साल जोधपुर कोर्ट के चक्कर काटने पड़े। आखिर में 5 साल की जेल की सजा हुई। फिलहाल वह जमानत पर हैं।
सलमान को छोड़कर बाकी आरोपी बरी हो गए हैं। हिरण शिकार मामले में विश्नोई समाज ने लंबी लड़ाई लड़ी। समाज ने ही स्मारक के लिए जमीन दी है। स्मारक का रूप देने के लिए समाज के 200 लोग जुटे। कांकाणी युवा नाम से एक ग्रुप बनाया। कांकाणी स्मारक विश्नोई समाज की परंपराओं की याद दिलाएगा।












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