भाई के ठिकानों पर CBI रेड पर CM गहलोत बोले-मुझसे बदला लिया जा रहा है, परिजनों का क्या कसूर है?
जयपुर, 18 जून। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बड़े भाई अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर सीबीआई रेड पर प्रतिक्रिया दी है। सीएम अशोक गहलोत ने इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। शुक्रवार को दिल्ली से लौटे सीएम अशोक गहलोत ने एयरपोर्ट पर कहा कि राहुल गांधी के समर्थन में दिल्ली में किए गए प्रदर्शन की वजह से उनसे बदला लिया गया है। जबकि उनके भाई का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद पहले ईडी और अब सीबीआई उनके यहां पहुंच गई, लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।
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15 जून को उन पर मुकदमा दर्ज हो गया
CM गहलोत ने कहा कि उन्होंने तो दिल्ली में सीबीआई, इनकम टैक्स और ईडी के प्रमुखों से समय मांगा था। वह समय तो नहीं मिला, बल्कि 15 जून को उन पर मुकदमा दर्ज हो गया और अब भाई के यहां सीबीआई ने छापा मार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक संकट के समय भी उनके भाई के यहां छापा मारा गया था। 40 वर्ष से अधिक समय से उनके भाई अपना काम कर रहे हैं।

परिवार के सदस्यों का क्या कसूर है
अशोक गहलोत ने कहा कि जैसे पीएम मोदी के भाई को कोई नहीं जानता, उसी तरह उनके भाई को भी कोई नहीं जानता था। परिवार के सदस्यों का क्या कसूर है? जो उन्हें इस तरह परेशान किया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि वे रविवार को वापस दिल्ली जाएंगे और सोमवार को फिर दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी जबरदस्ती परेशान किया जा रहा है।

पावटा चौराहे पर खाद बीज की दुकान पर छापा
उल्लेखनीय है कि सीबीआई दिल्ली की अगल-अलग टीमें अलसुबह जोधपुर पहुंचीं। लालसागर स्थित सीबआई के स्थानीय कार्यालय में कुछ देर ठहरने के बाद अलग अलग टीमों ने जोधपुर में नागौर रोड पर अग्रसेन के फार्म हाउस पर बने मकान व पावटा चौराहे पर खाद बीज की दुकान पर छापा मारा। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।

गुजरात व पश्चिम बंगाल में भी 15 जगह छापे मारे गए
CBI ने अग्रसेन गहलोत समेत 15 लोगों के खिलाफ केंद्र की यूपीए सरकार के दौरान साल 2007 से 2009 के बीच हुए कथित फर्टिलाइजर घोटाले में मामला दर्ज किया है। इस संबंध में जोधपुर के अलावा गुजरात व पश्चिम बंगाल में भी 15 जगह छापे मारे गए। छापे का विरोध करते हुए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अग्रसेन गहलोत के घर के बाहर एकत्रित होकर प्रधानमंत्री और सीबीआई के खिलाफ नारेबाजी की थी।

15 लोगों पर केस दर्ज किया
सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार लगभग 52.8 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाने के मामले में प्राथमिक जांच दर्ज की गई थी। फर्टिलाइजर घोटाला सामने आने के बाद 15 लोगों पर केस दर्ज किया और शुक्रवार को तीन राज्यों में दबिश दी गई।












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