Jodhpur : बोरवेल में जिंदगी की जंग हार गई 4 साल की बेटी सीमा, 13 घंटे बाद निकाला शव, VIDEO
Jodhpur News in Hindi, जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के मैलाना गांव में बोरवेल में गिरी 4 साल की बेटी सीमा जिंदगी की जंग हार गई। 13 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव बोरवले से बाहर निकाल लिया गया है। रात 10 बजे तक बोरवेल में बच्ची के रोने की आवाजें आ रही थी, मगर सुबह बाहर निकाला तो वह जिंदा नहीं थी। मासूम बेटी का शव देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

( Girl In borewell Rajasthan ) मामले के अनुसार जोधपुर जिले के खेड़ापा थाना इलाके के गांव मैलाना में सोमवार शाम को खेत में बोरवेल से बाहर निकाले गए पम्पसेट की केबल ठीक की जा रही थी। इसी दौरान वहां बच्चे भी खेल रहे थे। उनके साथ चार साल की सीमा भी थी। वह खेलते खेलते बोरवेल के पास चली गई और उसमें गिर गई। परिजन उसे गिरता देख बचाने के लिए तुरंत दौड़े, लेकिन तब तक वह काफी नीचे जा चुकी थी। पूरा गांव बेटी को बचाने के प्रयास में जुट गई। इस बीच सूचना पाकर खेड़ापा थानाधिकारी केसाराम बांता मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया। देर शाम प्रशासनिक अधिकारी व एनडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई।
बोरवेल में ऑक्सीजन भी छोड़ी
नलकूप में बेटी के गिरने के बाद वह रोने लगी, मगर धीरे-धीरे उसकी आवाज कम होती जा रही थी। ऐसे में 108 एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया और उसके जरिए बोरवले में ऑक्सीजन पहुंचाई गई ताकि बच्ची को जिंदा बाहर निकाला जा सके, मगर बेटी बाहर आई तो उसके सांसों की डोर टूट चुकी थी। विधायक पुखराज गर्ग, ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा व जोधपुर जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित भी मौके पर पहुंचे थे। साथ ही सेना के जवानों की भी मदद ली गई थी।

इधर, अलवर की बेटी को जुगाड़ से बचाया
राजस्थान में बेटी के बोरवेल में गिरने की दो दिन में यह दूसरी घटना है। इससे पहले अलवर के नोगवा थाना इलाके के गांव नीकच में चार साल की बेटी सुमैया रविवार शाम को 40 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। वह मूलरूप से हरियाणा के फिरोजपुर की रहने वाली थी। नीकच में अपने ननिहाल आई हुई थी। सुमैया को बचाने के लिए स्कूल बैग को टोकरी बनाकर बोरवेल में डाल गया था, जिसमें वह बैठ गई और उसके सकुशल जिंदा बाहर निकाल लिया गया था।












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