जमशेदपुर: सरोज-सिमरन के साथ पार्क में था तीसरा कौन, उसे तलाशने में उलझी है पुलिस
जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर के जुगसलाई स्थित पार्क में सरोज-सिमरन की गोली लगी लाशें मिलने की गुत्थी सुलझाने में पुलिस उलझी हुई है। हलांकि इस मामले में थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज है लेकिन अब तक की जांच के आधार पर पुलिस निश्चित तौर पर नहीं कह पा रही है कि सरोज-सिमरन ने गोली मारकर खुदकुशी की या दोनों की हत्या करने के बाद उसे खुदकुशी का रूप देने की कोशिश की गई। 30 अक्टूबर की सुबह में दोनों की लाश जुगसलाई पार्क में मिली तो सिमरन के हाथ में पिस्टल था और वह पेट के बल जमीन पर गिरी थी, वहीं पास में सरोज की लाश थी। दोनों के सिर में गोली लगी थी। पुलिस ने हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच शुरू की तो मामला उलझता चला गया।

सीसीटीवी से मिला पहला सुराग
पुलिस ने जांच शुरू की तो पार्क के पास की सीसीटीवी से पता चला कि 29 अक्टूबर की रात में करीब 2.30 बजे दोस्त अनीस पांडेय ने सरोज और सिमरन को वहां पर छोड़ दिया था और इसके बाद वह वापस चला गया था। अनीस को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि सरोज ने सिमरन के साथ घर से भागने का प्लान बनाया था। अनीस ने बताया कि सरोज और सिमरन प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन इसके लिए उनके माता-पिता तैयार नहीं थे। सरोज ने 29 अक्टूबर की रात पहले दोस्त सत्यम को फोन किया। जब उसने आने से इनकार कर दिया तो सरोज ने अनीस को फोन लगाया। पुलिस को कॉल डिटेल से पता चला कि सरोज ने मरने से पहले सत्यम और अनीस से बात की थी।

अनीस सरोज और सिमरन को पार्क छोड़ आया
सरोज ने कॉल कर अनीस को जहां बुलाया वहां सिमरन के साथ वह पहले से मौजूद था। सिमरन घर से भागकर आई थी। सीसीटीवी से पता चला कि सिमरन उस वक्त जैकेट पहने हुए थी। अनीस ने दोनों को बाइक पर बैठाकर पार्क तक छोड़ दिया और वापस लौट गया। पार्क में ढाई बजे के बाद क्या हुआ जब वहां सरोज और सिमरन अकेले रह गए? क्या कोई तीसरा वहां मौजूद था जिसने दोनों की हत्या कर दी? पुलिस उस तीसरे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसके मिलने से इस कांड की गुत्थी सुलझ सकती है। दोनों की लाशें मिलने के बाद हैरत की बात यह भी है कि सिमरन जिस जैकेट को पहनकर घर से निकली थी, वह गायब है। यही नहीं, सरोज का फेसबुक अकाउंट भी किसी ने डिलीट कर दिया है।

सूद पर उधार देने का कारोबार करता था सरोज
सरोज के पिता के मुताबिक उनका बेटा सूद पर पैसे उधार दिया करता था और करीब लाखों रुपए उसने दूसरों को कर्ज दे रखा था। सरोज कर्ज लेने वालों से उतनी राशि का चेक साइन कराकर जमानत के तौर पर रख लेता था। पुलिस ने ऐसे कुछ चेक को सरोज के घर से जब्त किए हैं। वह जिस लाल डायरी में सूद-ब्याज के हिसाब-किताब रखा करता था, वह भी गायब है। सरोज के पिता का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। वहीं सिमरन की मां का भी कहना है कि सरोज की हत्या हुई है और सिमरन को इसके लिए ढाल बनाया गया। दोनों को पार्क में बुलाकर हत्या की गई और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस ने सिमरन के घर से एक कॉपी बरामद की है जिसमें कई जगह आई एम सॉरी लिखा है। मां का कहना है कि सिमरन गलती करने पर इस कॉपी में आई एम सॉरी लिखकर बता देती थी।












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