झारखंड में शहर की आबादी के मुताबिक आरक्षण, नियमावली को हेमंत सोरेन कैबिनेट से मिली स्वीकृति
Jharkhand News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन कठिन राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी राज्य की जनता के हित में लगातार फैसले ले रहे हैं। इस बीच सरकार ने चुनावी आरक्षण के संबंध में खास फैसला लिया है। सोरेन कैबिनेट ने राज्य में नगर निकाय चुनाव में चक्रानुक्रम पद्धति से आरक्षण के सिद्धांत को समाप्त करने पर कैबिनेट की मुहर लगा दी है।

इस प्रकार इस नियम के आधार पर माना जा सकता है कि अब रांची नगर निगम के मेयर हमेशा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित होगा, तो धनबाद नगर निगम के महापौर अनुसूचित जाति के होंगे। नगर निकायों में कई पदों के लिए आबादी के आधार पर आरक्षण मिलेगा।
अब इसका अर्थ यह होफा कि जह जिस वर्ग की आबादी अधिक होगी, उसी वर्ग को आरक्षण देने के लिए नियमावली को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। मंगलवार को झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 34 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में अल्पसंख्यकों और एसटी की तरह पिछडा वर्ग और अनुसूचित जाति के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जाएगी।












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