Jharkhand Lok Sabha Chunav: झारखंड की 3 लोकसभा सीटों पर वोटिंग, क्या है हजारीबाग, कोडरमा और चतरा का समीकरण?
Jharkhand Lok Sabha Election 2024 Voting: लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। 8 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 49 सीटों पर वोटिंग की जा रही है। झारखंड के तीन संसदीय क्षेत्र, हजारीबाग, चतरा और कोडरमा में भी आज मतदान हो रहा है।
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में चतरा से 22, कोडरमा से 15 और हजारीबाग निर्वाचन क्षेत्र से 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पिछले बार यानी 2019 के लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी इन सीटों पर दिलचस्प मुकाबले की संभावना है। इन तीन निर्वाचन क्षेत्रों में 2.835 मिलियन महिलाओं सहित लगभग 5.834 मिलियन मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं।

हजारीबाग का चुनावी समीकरण
झारखंड में हजारीबाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एक ऐसी राजनीतिक इकाई के रूप में खड़ा है जिसे जीत पाना काफी कठिन है। यह क्षेत्र भारतीय राजनीति में अपने पर्याप्त प्रभाव के लिए पहचाना जाता है। विविध जनसांख्यिकीय को दर्शाते हुए, हजारीबाग झारखंड के भीतर एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र बना हुआ है। हजारीबाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के मनीष जयसवाल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जय प्रकाशभाई पटेल के बीच सीधा मुकाबला है।
बीजेपी ने यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा का टिकट काट कर मनीष को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाशभाई पटेल मांडू से विधायक हैं। वो मूल रूप से झामुमो में रहे हैं, लेकिन पिछले विधान सभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। पटेल के पिता टेकलाल महतो झामुमो के जमीनी नेता और इसी पार्टी से सांसद रहे हैं। जय प्रकाश पटेल कुड़मी समुदाय से आते हैं। जातीय समीकरणों पर नजर डालें तो हजारीबाग की लड़ाई कांटे की हो गई है।
हजारीबाग निर्वाचन क्षेत्र में 942,000 महिलाओं और 2,254 बूथों सहित कुल 1.939 मिलियन मतदाता हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार जयंत सिन्हा ने 4,79,548 वोटों के महत्वपूर्ण अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 7,28,798 वोट मिले थे। सिन्हा ने कांग्रेस के गोपाल प्रसाद साहू को हरा कर संसद का टिकट हासिल किया था। कांग्रेस कैंडिडेट गोपाल प्रसाद साहू को 2,49,250 वोट मिले थे।
चतरा का चुनावी समीकरण
चतरा लोकसभा सीट राज्य का एकमात्र निर्वाचन क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व 1957 में यहां हुए पहले चुनाव के बाद से कभी भी किसी स्थानीय व्यक्ति ने नहीं किया है। चतरा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। निवर्तमान सांसद के विरोध के बाद भाजपा ने यहां अपने प्रत्याशी को बदल दिया। बीजेपी ने पहली बार स्थानीय नेता कालीचरण सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि कांग्रेस ने केएन त्रिपाठी को टिकट दिया है।
इस लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस का सांगठनिक आधार बिलकुल शून्य है। झामुमो और राजद के सांगठनिक ढांचे पर कांग्रेस यहां चुनाव लड़ रही है जबकि दूसरी ओर बीजेपी का आरएसएस सांगठनिक आधार यहां पुख्ता है। चतरा संसदीय क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र चतरा जिले के चतरा और सिमरिया, लातेहार जिले के मनिका और लातेहार और पलामू के पांकी शामिल हैं।
चतरा संसदीय क्षेत्र में 1,899 बूथों के साथ 1.689 मिलियन मतदाता हैं। इनमें 82.7 मिलियन महिला मतदाता शामिल हैं। कोडरमा में 2,552 बूथों के साथ 1.065 मिलियन महिलाओं सहित 2.205 मिलियन मतदाता हैं।
कोडरमा का चुनावी समीकरण
कोडरमा लोकसभा क्षेत्र झारखंड के 14 संसदीय क्षेत्रों में से एक है। इसमें पूरे कोडरमा जिले और हजारीबाग और गिरिडीह जिलों के कुछ हिस्से शामिल हैं। कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में निम्नलिखित छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं; कोडरमा (भाजपा), बरकट्ठा (निर्दलीय), धनवार (भाजपा), बगोदर (सीपीआई-एमएल), जमुआ (भाजपा) और गांडेय (जेएमएम)।
यहां से वर्तमान सांसद बीजेपी की अन्नपूर्णा देवी यादव हैं, जिनका मुकाबला इंडिया ब्लॉक के सीपीआई-एमएल कैंडिडेट विनोद कुमार सिंह से है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अन्नपूर्णा देवी ने 4.55 लाख वोटों की मार्जिन के साथ जीत दर्ज की थी।
भाजपा ने एक बार फिर से अन्नपूर्णा यादव को मैदान में उतारा है, लेकिन कोडरमा में इस बार भगवा पार्टी के लिए मुकाबला काफी कठिन है। यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ी जातियों के प्रभुत्व वाले इस संसदीय क्षेत्र में बीजेपी अन्य पिछड़ी, वैश्य और अगड़ी जातियों के साथ मिलकर कांग्रेस, राजद और वाम दलों के गठबंधन पर हमेशा हावी रही है।
2019 में यादव मतदाताओं का सपोर्ट बीजेपी की ओर हो गया, जिसके नतीजे के तौर पर जीत का अंतर काफी बढ़ गया। इस बार 10 साल तक क्षेत्र में मजबूत संगठन खड़ा करने वाली बाबूलाल मरांडी की जेवीएम का बीजेपी में विलय हो गया है।
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गांडेय विधानसभा सीट पर क्या है समीकरण?
इसके अलावा गांडेय विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहे हैं। इस सीट से झामुमो विधायक सरफराज अहमद के पिछले साल 31 दिसंबर को इस्तीफा देने के बाद यह सीट खाली थी। इस कारण इस विधानभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहा है।
इस उप-चुनाव में भाजपा और झामुमो के बीच सीधी टक्कर है। जहां झामुमो ने पहली बार चुनाव मैदान में उतरी पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीजेपी ने दिलीप कुमार वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कल्पना सोरेन की राजनीतिक एंट्री ने गांडेय के उपचुनाव को दिलचस्प बना दिया है।












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