'परीक्षा में नंबर कम', नाराज छात्रों ने मीटिंग का झांसा देकर शिक्षकों को पेड़ से बांधा, बुरी तरह पीटा
दुमका कांड के बाद क्राइम की एक और खबर इसी जिले के सरकारी स्कूल से आई है। छात्रों ने शिक्षकों को पेड़ से बांधा और जमकर पिटाई की। jharkhand students beat teachers after tying with tree
दुमका, 31 अगस्त : शिक्षकों और छात्रों के बिगड़ते रिश्तों की एक और नजीर झारखंड के दुमका से सामने आई है। एक गांव में स्कूली छात्रों ने अपने शिक्षकों को मीटिंग का झांसा देकर बुलाया। फिर एक पेड़ से बांधकर जमकर पिटाई की। खबर के मुताबिक सरकारी स्कूल में शिक्षकों ने कथित तौर पर छात्रों को परीक्षा में कम अंक दिए। इससे नाराज छात्रों ने मिलकर शिक्षकों की बुरी तरह पिटाई कर दी। कम नंबर मिलने के कारण छात्रों का कहना है कि परीक्षा में फेल हो गए। छात्रों का करियर खराब न हो इस कारण शिक्षकों या स्कूल की ओर से पुलिस के पास कंप्लेन भी नहीं की गई। (कुछ सांकेतिक तस्वीरों का भी इस्तेमाल)

प्रखंड शिक्षा विस्तार अधिकारी का बयान
दुमका में शिक्षकों की पिटाई के बारे में दुमका के गोपीकंदर ब्लॉक में पोस्टेड प्रखंड शिक्षा विस्तार अधिकारी, सुरेंद्र हेब्रम ने बताया कि उन्हें शिक्षकों की पेड़ से बांधकर पिटाई करने की सूचना मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे और छात्रों से बात की।

जवाब नहीं मिलने से भड़के छात्र
प्रखंड शिक्षा विस्तार अधिकारी सुरेंद्र हेब्रम के मुताबिक घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने छात्रों के अलावा सभी शिक्षकों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया, मौके पर पहुंचने के बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में बहुत कम अंक दिए गए हैं। छात्रों का आरोप है कि कम नंबर के बारे में शिक्षकों से बात की गई, लेकिन उन्हें सरकारी स्कूल के अपने शिक्षकों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

पीड़ित शिक्षक का बयान
परीक्षा में कम नंबर का आरोप लगाकर जिन शिक्षकों की पिटाई की गई उनमें कुमार सुमन भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों ने मीटिंग करने के बहाने फोन कर बुलाया इसके बाद उनके साथ अन्य शिक्षकों की भी पिटाई की गई।

परीक्षा में नंबर कम कैसे ? शिक्षक ने दी जानकारी
पीड़ित शिक्षक कुमार सुमन का कहना है कि छात्रों ने रिजल्ट खराब होने का आरोप लगाया। उन्होंने नंबर कम मिलने का कारण बताया और कहा, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि छात्रों के प्रैक्टिकल मार्क्स रिजल्ट में नहीं जोड़े गए।

आवासीय विद्यालय में हुई शिक्षकों की पिटाई
दुमका में शिक्षकों की पिटाई पर इंडिया डॉटकॉम ने अपनी रिपोर्ट में समाचार एजेंसी पीटीआई से मिली सूचना के आधार पर लिखा, छात्रों का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा में कम नंबर मिलने के कारण वे परीक्षा में फेल हो गए। इस खबर के मुताबिक झारखंड के दुमका जिले में गणित शिक्षक और एक क्लर्क की पिटाई हुई। दोनों आवासीय विद्यालय में पदस्थापित हैं। पीटीआई ने मंगलवार को पुलिस के हवाले से बताया कि घटना सोमवार को दुमका जिले के गोपीकंदर थाना क्षेत्र के सरकारी अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में हुई।

छात्रों का करियर खराब हो सकता है
दुमका जिले की गोपीकंदर पुलिस ने कहा कि 32 में से 11 छात्रों को 9वीं कक्षा की परीक्षा में डीडी ग्रेड मिले। इसे फेल होने के बराबर माना जाता है। परीक्षा परिणाम झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने शनिवार को घोषित किए थे। पुलिस के मुताबिक शिक्षक की पिटाई मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, क्योंकि स्कूल प्रबंधन ने घटना के बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं दी। गोपीकंदर पुलिस थाना प्रभारी नित्यानंद भोक्ता ने कहा, घटना के सत्यापन के बाद, स्कूल प्राधिकरण से शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। हालांकि, शिक्षकों ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इससे छात्रों का करियर खराब हो सकता है। जिस शिक्षक की पिटाई हुई उनका नाम कुमार सुमन, जबकि लिपिक की पहचान सोनेराम चौरे के रूप में हुई।

हॉस्टल में रह रहे छात्र घर भेजे गए
इस मामले में गोपीकंदर प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अनंत झा ने कहा, आवासीय विद्यालय में 200 छात्र पढ़ते हैं। अधिकांश छात्र शिक्षकों की पिटाई वाली घटना में शामिल थे। पीड़ित शिक्षक पहले स्कूल के प्रधानाध्यापक थे, लेकिन बाद में अज्ञात कारणों से उन्हें हटा दिया गया था। यह शिक्षकों के बीच प्रतिद्वंद्विता का मामला भी हो सकता है। स्कूल में कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए, कक्षा 9 और 10 की कक्षाओं को दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। हॉस्टल में रह रहे छात्रों को उनके घर वापस भेज दिया गया है।

क्या अफवाह के शिकार बने शिक्षक ?
छात्रों का आरोप है कि शिक्षक ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं में कम नंबर दिए। इस कारण वे परीक्षा में फेल हो गए। JAC की साइट पर अंक ऑनलाइन अपलोड करने की जिम्मेदारी कथित रूप से क्लर्क की था। BDO का कहना है कि स्कूल प्रबंधन, प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंक और जिस तारीख को नंबर ऑनलाइन अपलोड किए गए, उसका प्रमाण दिखाने में विफल रहा। उन्होंने कहा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि छात्र थ्योरी पेपर में फेल हुए या प्रैक्टिकल, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है, छात्रों ने अफवाह के आधार पर शिक्षकों की पिटाई कर दी।
क्या प्रिसिंपल ने की गलती ? सजा शिक्षकों को मिली
दुमका में छात्रों की पिटाई से पीड़ित शिक्षक कुमार सुमन ने बताया कि प्रैक्टिकल परीक्षा के नंबर मुख्य विषय के साथ जोड़े जाएं, यह कार्य प्रधानाध्यापक को करना था। उन्होंने कहा, शिक्षकों को नंबर जोड़ने का कोई अधिकार न होने के कारण वे इस संबंध में कोई कदम नहीं उठा सकते थे।
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