Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: क्या क्रॉस वोटिंग बिगाड़ेगी 'इंडिया' का खेल या NDA को मिलेगी जीत?
Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए 18 जून 2026 (गुरुवार) सत्तारूढ़ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन और विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच शह-मात का खेल तेज हो चुका है। संख्या बल और उम्मीदवारों के चयन ने इस मुकाबले को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। दोनों ही गठबंधन अपनी जीत तय मान रहे हैं।
झारखंड का चुनाव केवल दो सांसदों को दिल्ली भेजने तक ही सीमिल नहीं है बल्कि राज्य में दोनों बड़े गठबंधनों की एकजुटता और रणनीतिक मजबूती का भी लिटमस टेस्ट भी है। इस चुनावी रण में तीन उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे दूसरी सीट के लिए मुकाबला बेहद करीबी और कांटे का हो गया है।

झारखंड में क्यों दो सीटों पर हो रहे चुनाव?
झारखंड की जिन दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है, उनमें से एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी। वहीं दूसरी सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त होने की वजह से खाली हुई है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव में किन-किन के बीच है मुकाबला?
इस बार के चुनाव में 'इंडिया' गठबंधन की ओर से दो उम्मीदवार मैदान में हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा मैदान में हैं। दूसरी तरफ, एनडीए ने सीधे अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी को अपना समर्थन देकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
विधानसभा का अंकगणित: किसके पास कितने वोट?
राज्यसभा चुनाव का पूरा दारोमदार विधानसभा के मौजूदा अंकगणित पर टिका हुआ है। नियमों के मुताबिक, झारखंड से राज्यसभा पहुंचने के लिए किसी भी प्रत्याशी को पहली वरीयता के कम से कम 28 मतों की आवश्यकता होगी। इस आंकड़े को हासिल करने के लिए दोनों गठबंधनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
| गठबंधन/दल | विधायकों की संख्या | जीत के लिए जरूरी वोट (प्रति सीट) |
|---|---|---|
| 'इंडिया' गठबंधन (JMM, कांग्रेस व अन्य) | 56 | 28 |
| एनडीए (BJP, आजसू व अन्य) | 24 | 28 |
बैद्यनाथ राम की जीत क्यों है पक्की?
इस गणित को देखें तो सत्तारूढ़ 'इंडिया' गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का मजबूत समर्थन है। यह संख्या दो सीटों पर जीत हासिल करने के लिए बिल्कुल सटीक बैठती है। यही कारण है कि संख्या बल के आधार पर जेएमएम के बैद्यनाथ राम की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है।
कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए के परिमल में किसकी होगी जीत?
असली पेंच कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नथवानी के बीच फंसा हुआ है। विपक्षी एनडीए गठबंधन के पाले में फिलहाल 24 विधायक हैं। परिमल नथवानी को जिताने के लिए एनडीए को कम से कम 4 अतिरिक्त विधायकों के बाहरी समर्थन या फिर क्रॉस वोटिंग की जरूरत होगी। इसी चार वोटों के अंतर ने सत्ता के गलियारों में सरगर्मी और कयासबाजी को चरम पर पहुंचा दिया है।
क्रॉस वोटिंग का क्यों सता रहा खतरा?
राज्यसभा चुनावों का इतिहास गवाह रहा है कि अंतिम समय में होने वाली क्रॉस वोटिंग बड़े से बड़े गणित को बिगाड़ देती है। इस बार भी निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की मौजूदगी ने इस आशंका को बल दिया है। यदि 'इंडिया' गठबंधन के एक भी विधायक ने पाला बदला, तो कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की राह मुश्किल हो जाएगी।
होटल पॉलिटिक्स और विधायकों की बाड़ेबंदी
मतदान से ठीक एक दिन पहले राजधानी रांची में भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी किस्म की सेंधमारी से बचाने के लिए दोनों ही पक्षों ने उन्हें अलग-अलग होटलों में ठहराया। होटल रेडिसन ब्लू में एनडीए विधायकों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद आदित्य साहू ने जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया कि विपक्ष के कुछ विधायक देश हित और अपनी अंतरात्मा की आवाज पर परिमल नथवानी के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
कांग्रेस को अपनी जीत पर क्यों है भरोसा?
दूसरी ओर, 'इंडिया' गठबंधन ने भी अपने विधायकों को पूरी तरह से सहेज कर रखा है। कांग्रेस और जेएमएम के शीर्ष नेतृत्व का दावा है कि उनके सभी 56 विधायक चट्टान की तरह एकजुट हैं। उनके अनुसार, गठबंधन में किसी भी स्तर पर असंतोष नहीं है और दोनों ही उम्मीदवार भारी मतों के अंतर से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहेंगे।
झारखंड राज्य सभा चुनाव का क्या होगा असर?
झारखंड की इस चुनावी जंग का असर केवल राज्यसभा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा पर भी पड़ेगा। इस चुनाव के परिणाम यह तय करेंगे कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन का अपने विधायकों पर कितना नियंत्रण है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष का मनोबल कितना ऊंचा रहता है।
कब जारी होगा चुनाव परिणाम?
गुरुवार को होने वाले इस मतदान के बाद मतों की गिनती चुनाव आयोग की अंतिम मंजूरी मिलते ही शुरू कर दी जाएगी। पूरे राज्य की नजरें अब विधानसभा परिसर पर टिकी हैं, जहां विधायकों का एक-एक मत झारखंड की भावी राजनीति का नया अध्याय लिखने जा रहा है।












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