Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

झारखंड में आज सियासी टशन, चम्पाई सोरेन भाजपा में होंगे शामिल, उधर रामदास सोरेन बनेंगे हेमंत के मंत्री

Jharkhand Politics Champai Soren: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले आज (30 अगस्त) राज्य में सियासी टशन देखने को मिलेगा। झारखंड की राजनीति में आज का दिन काफी खास रहने वाला है। यहां की राजनीति में आज दो बड़ बदलाव होने जा रहे हैं। पहला, झारखंड के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन अपने बेटे बाबूलाल के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो जाएंगे।

चम्पाई सोरेन की भाजपा सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम रांची के शहीद मैदान में दोपहर तीन बजे होगा। यहां चम्पाई सोरेन शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे। राज्य में दूसरी राजनीतिक घटना हेमंत सोरेन की सरकार की जुड़ी है। आज हेमंत सोरेन सरकार में चम्पाई सोरेन की जगह घाटशिला के झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के विधायक रामदास सोरेन कैबिनेट मंत्री बनेंगे। ये कार्यक्रम दोपहर 11 बजे होने वाला है।

Champai Soren

ये दोनों घटनाक्रम झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले काफी अहम माने जा रहे हैं। इस बार चम्पाई सोरेन को साथ लेकर भाजपा झारखंड मुक्ति मोर्चा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है। वहीं खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विवादों के घेरे में हैं। हेमंत सोरेन के सामने आदिवासी वोटबैंक संभालने, पार्टी को एकजुट रखने और आदिवासी अस्मिता को बनाए रखने की चुनौती है।

ये भी पढ़ें- कौन हैं रामदास सोरेन, जो बनेंगे चम्पाई सोरेन की जगह मंत्री, पहली बार कैबिनेट में होंगे शामिल

Champai Soren

चम्पाई सोरेन ने क्यों छोड़ा JMM का साथ?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने 27 अगस्त को खुलासा किया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का फैसला क्यों किया है। चम्पाई सोरेन ने कहा, "पिछले सप्ताह (18 अगस्त) मैंने एक पत्र के जरिए से झारखंड समेत पूरे देश के लोगों के सामने अपनी बात रखी थी। इसके बाद मैं झारखंड के लोगों से मिलता रहा और उनकी राय जानने की कोशिश करता रहा। कोल्हान क्षेत्र के लोग हर कदम पर मेरे साथ खड़े रहे और मैंने संन्यास लेने के विकल्प को खारिज कर दिया।"

उन्होंने कहा, "पार्टी में ऐसा कोई मंच नहीं था जहां मैं अपना दर्द व्यक्त कर सकूं और मुझसे वरिष्ठ नेता स्वास्थ्य कारणों से राजनीति से दूर हैं।"

चम्पाई सोरेन ने झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठ को एक बड़ी समस्या बताया। झारखंड को साल 2000 में बिहार से अलग कर बनाया गया था।

चम्पाई सोरेन ने कहा, "इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है कि ये घुसपैठिए उन वीरों के वंशजों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में कभी विदेशी अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं की। इनके कारण हमारी माताओं, बहनों और बेटियों की इज्जत खतरे में है, जो फूल-झानो जैसी वीर नारियों को अपना आदर्श मानती हैं।"

Champai Soren

ये भी पढ़ें- 'JMM में अपना दर्द बयां करने के लिए कोई मंच नहीं', चंपई सोरेन ने की BJP में शामिल होने की घोषणा

चम्पाई सोरेन ने भाजपा में शामिल होने का क्यों किया फैसला?

चम्पाई सोरेन ने आरोप लगाया, "आदिवासियों और मूलवासियों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा रहे इन घुसपैठियों को अगर नहीं रोका गया तो संथाल परगना में हमारे समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पाकुड़, राजमहल समेत कई इलाकों में इनकी संख्या आदिवासियों से भी ज्यादा हो गई है। हमें राजनीति से हटकर इस मुद्दे को सामाजिक आंदोलन बनाना होगा, तभी आदिवासियों का अस्तित्व बच पाएगा।"

चम्पाई सोरेन ने कहा कि केवल केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ही इस मुद्दे पर गंभीर है और अन्य पार्टियां वोट के लिए अनदेखी कर रही हैं। इसलिए आदिवासियों की पहचान और अस्तित्व को बचाने के इस संघर्ष में मैंने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला लिया है।

ये भी पढ़ें- '50 लाख में दी गई थी मेरी सुपारी, तभी नहीं डरा मैं', चंपई सोरेन ने नई राजनीतिक यात्रा को लेकर क्या-क्या कहा?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+