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'50 लाख में दी गई थी मेरी सुपारी, तभी नहीं डरा मैं', चंपई सोरेन ने नई राजनीतिक यात्रा को लेकर क्या-क्या कहा?

Champai soren: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को लेकर चंपई सोरेन ने बागी रुख अपनाते हुए फिर से कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से अनौपचारिक रूप से हटाया गया था। चंपई सोरेन ने कहा है कि अब वह अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू कर रहे हैं, जिसमें उनको जनता का समर्थन चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से जुड़ने के लिए कोल्हान संभाग के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने की भी घोषणा की है। सरायकेला में चंपाई सोरेन बीते दिनों शक्ति प्रदर्शन भी किया है।

इस तरह के बागी कदम उठाने के बावजूद चंपई सोरेन ने अभी तक जेएमएम या मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। जेएमएम नेतृत्व ने भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। 64 वर्षीय नेता चंपई सोरेन को चार दशक तक जेएमएम को समर्पित करने के बाद एक नई शुरुआत करने की जरूरत महसूस हो रही है। उन्होंने अपने दशकों लंबे राजनीतिक करियर के दौरान अपनी निष्ठा कभी नहीं बदली है।

Champai soren

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चंपई सोरेन ने कहा- झामुमो के लिए अपना खून-पसीना बहाया है

चंपई सोरेन ने कहा, "मैंने झामुमो के लिए अपना खून-पसीना बहाया, दिशोम गुरु शिबू सोरेन, जो हमारे पितृपुरुष हैं, के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अलग राज्य के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन पार्टी ने वह सम्मान और आदर नहीं दिया, जिसका मैं हकदार था।"

शनिवार (24 अगस्त) को सरायकेला में आयोजित जनसभा में चंपई सोरेन ने कहा, "अपने बच्चों की भलाई की चिंता किए बिना मैंने एक उद्देश्य के लिए लगातार महीनों तक दिन-रात जंगलों में गुजारे। मैं अपने बेटे और बेटियों को बचपन में वक्त नहीं दिया। हमेशा झारखंड वासियों की भलाई के लिए काम करता रहा।''

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चंपई सोरेन बोले- मैं एक कार्यकर्ता हूं और कार्यकर्ता रहूंगा

वर्तमान में विधानसभा में अपना छठा कार्यकाल पूरा कर रहे चंपई सोरेन ने इस बात पर जोर दिया कि वह एक कार्यकर्ता हैं और जीवन भर कार्यकर्ता बने रहेंगे। बता दें कि चंपई सोरेन 1991 में राजनीति में शामिल होने के बाद से केवल एक बार चुनाव हारे हैं।

चंपई सोरेन ने श्रमिक आंदोलन में अपने व्यापक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 4,000 अस्थायी श्रमिकों के लिए स्थायी पदों को सुरक्षित करने के लिए टाटा स्टील के खिलाफ उनकी लड़ाई और जादुगुड़ा में यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) में आदिवासियों और मूल निवासियों को नौकरी सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन किया है।

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चंपई सोरेन बोले- '50 लाख में दी गई थी मेरी सुपारी

मजदूर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए चंपई सोरेन ने कहा, ''कोल्हान की एक प्रमुख निजी स्टील कंपनी ने 50 लाख रुपये में मुझे मारने के लिए सुपारी दी थी। मुझे खत्म कराने की साजिश रची गई थी।''

चंपई ने कहा, "मेरे राजनीतिक सफर में आपने जो अटूट समर्थन दिया है, उससे मैं अभिभूत हूं। अगर मुझे आपका समर्थन मिलता रहा, तो मैं कह सकता हूं कि मैं झारखंड को देश के विकसित राज्यों की सूची में शीर्ष पर लाऊंगा। मैं राज्य के बारे में हर छोटी-बड़ी बात जानता हूं।"

'मैं जनता को अपनी पीड़ा बताउंगा, जो 40 साल की निस्वार्थ सेवा के बदले मुझे मिला है'

मुख्यमंत्री के रूप में अपने पांच महीने के संक्षिप्त कार्यकाल के बारे में चंपई सोरेन ने कहा कि उन्होंने कई उपाय लागू किए, जिन्हें समाज के सभी वर्गों ने सराहा है। लेकिन पार्टी आलाकमान ने अपमानजनक तरीके से पद से हटा दिया।

कोल्हान के निर्वाचन क्षेत्रों के अपने दौरे की घोषणा करते हुए चंपई सोरेन ने कहा कि वह लोगों से मिलेंगे और नई राजनीतिक राह पर चलने के अपने फैसले के पीछे के कारणों को बताएंगे। अपने समर्थकों से चंपई ने कहा, "मैं लोगों के साथ उस अपमान, पीड़ा और दर्द को साझा करूंगा, जो पार्टी ने मुझे संगठन के लिए 40 साल की निस्वार्थ सेवा के बदले में दिया है।"

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