साइबर क्राइम से निपटने के लिए झारखंड पुलिस होगी अब हाईटेक, चार बड़े संस्थानों से लेगी विशेष ट्रेनिंग

झारखंड में बढ़ते साइबर क्राइम से निपटने के लिए अब झारखंड पुलिस भी हाईटेक होगी। झारखंड पुलिस इसके लिए विशेष प्रशिक्षण लेगी। झारखंड पुलिस ने चार दिग्गज संस्थानों के साथ पांच वर्ष के लिए एमओयू साइन किया है। इसमें आइआइएम रांची, एक्सएलआरआई जमशेदपुर, बीआईटी मेसरा और एनआईटी जमशेदपुर शामिल हैं। इन चार संस्थानों से झारखंड पुलिस सीखेगी की कैसे साइबर क्रिमिनल से निपटा जाए। राज्य के आइपीएस, डीएसपी व इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों ट्रेनिंग हासिल करेंगे। इस प्रशिक्षण के लिए एक खास कोर्स डिजाइन किया गया है।
तैयारी शुरू, खास कोर्स बनेगा
प्रशिक्षण को लेकर तैयार शुरू कर दी गयी है। एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर एस जॉर्ज ने कहा, झारखंड पुलिस की ओर से पिछले दिनों ट्रेनिंग का प्रस्ताव आया था। इस प्रस्ताव को हमने स्वीकार कर लिया है। सोमवार को रांची में इसे लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई,जल्द ही उक्त ट्रेनिंग मॉडल को डिजाइन कर इसकी शुरुआत की जायेगी। गौरतलब है कि इससे पहले एक्सएलआरआइ में राज्य के आइएएस अधिकारियों के साथ ही सेना के जवानों को भी ट्रेनिंग दी जा चुकी है। झारखंड पुलिस को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में इस बात का विशेष ध्यान रखा जायेगा कि साइबर अपराधी कैसे तकनीक का इस्तेमाल करके ठगी करते हैं।
झारखंड पुलिस के लिए साइबर क्राइम एक बड़ी चुनौती
झारखंड पुलिस के लिए साइबर क्राइम अब भी एक बड़ी चुनौती है। साइबर ठगी के मामले सिर्फ झारखंड से नहीं बल्कि कई दूसरे राज्यों से भी झारखंड पहुंचते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम को लेकर झारखंड पुलिस पूरी तरह प्रशिक्षित होगी तो इन मामलों को निपटने में पुलिस को आसानी होगी। झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराध के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। देश के कई राज्यों की पुलिस जामताड़ा में हुए साइबर ठगी का मामला लेकर झारखंड पहुंचती है। पिछले वर्ष जामताड़ा में करीब 613 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं कुल 417 गिरफ्तारियां भी हुई। इसके बाद भी पुलिस खुद को और प्रशिक्षित और तकनीकी तौर पर मजबूत करने में लगी है ताकि इन मामलों को और बेहतर ढंग से निपटा जा सकेंगे।












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