Champai Soren: चम्पाई सोरेन की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुए भर्ती, जानिए क्या है हेल्थ अपडेट?
Champai Soren: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज आदिवासी नेता चम्पाई सोरेन की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्तपताल में भर्ती कराया गया है। पूर्व सीएम के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि चम्पाई सोरेन को शनिवार रात करीब 9 बजे जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ब्लड शुगर समस्याओं की वजह से उनके तबीतय बिगड़ी है।
रिपोर्ट के मुताबिक चम्पाई सोरेन को ब्लड शुगर कम होने और चक्कर आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। टाटा मेन हॉस्पिटल के जीएम डॉ. सुधीर राय ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि सोरेन की हालत स्थिर है और उसमें सुधार हो रहा है।

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67 वर्षीय चम्पाई सोरेन अगस्त 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे, उन्होंने जेएमएम में "अनादर" और "अपमान" का आरोप लगाया था। हेमंत सोरेन के इस्तीफे और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद 2 फरवरी को चम्पाई सोरेन को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। हालांकि हेमंत सोरेन के जमानत से बाहर आने के बाद उन्होंने 3 जुलाई को पद छोड़ दिया था।
जिसके बाद 30 अगस्त को चम्पाई सोरेन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए।
उन्होंने जेएमएम से इस्तीफा देते हुए दावा किया कि जेएमएम की वर्तमान कार्यशैली और नीतियों ने उन्हें उस पार्टी को छोड़ने के लिए मजबूर किया, जिसमें उन्होंने कई सालों तक काम किया। उन्होंने राज्य विधानसभा के विधायक और झारखंड कैबिनेट में मंत्री के पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
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Who is Champai Soren? कौन हैं चम्पाई सोरेन?
चम्पाई सोरेन 1990 के दशक में झारखंड के अलग राज्य के निर्माण की लंबी लड़ाई लड़ी है। उन्हें कोल्हन का टाइगर कहा जाता है। झारखंड का निर्माण 2000 में बिहार से अलग होने से हुआ था।
चम्पाई सोरेन ने 1991 में अविभाजित बिहार की सरायकेला सीट से उपचुनाव में निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचित होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
चार साल बाद चम्पाई सोरेन झामुमो के टिकट पर इस सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता। 2000 के विधानसभा चुनाव में जो झारखंड राज्य बनने के बाद पहला चुनाव था, उसमें भी चम्पाई सोरेन सरायकेला सीट से चुनाव लड़े और जीते। उन्होंने 2005 में, 2009, 2014 और 2019 में इस सीट से जीत हासिल की।
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