Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'कोरोना वैक्सीन की वजह से सिपाही दौड़ में हुई मौत', झारखंड में हेमंत सोरेन ने खेला नया दांव, BJP भी हुई हावी

Jharkhand CM Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 'कोरोना काल की सियासत' शुरू कर दी है। झारखंड सिपाही भर्ती के फिजिकल में हुई 12 लोगों की मौत के लिए सीएम हेमंत सोरेन ने कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

सीएम हेमंत सोरेने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा दी गई 'दोषपूर्ण' कोविड-19 वैक्सीन की खुराक आबकारी कांस्टेबल भर्ती अभियान के लिए दौड़ के दौरान 12 उम्मीदवारों की मौत के लिए जिम्मेदार है।

Jharkhand CM Hemant Soren

ये भी पढ़ें- Jharkhand Politics: चम्पाई सोरेन की बगावत पर क्यों खामोश हैं हेमंत सोरेन?

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा ने कोरोना के दौरान देश में करोड़ों लोगों को ऐसा वैक्सीन लगाया है, जिसका दुष्प्रभाव अब साफ दिख रहा है। सीएम सोरेन ने कहा कि, आज चलते-फिरते लोगों की मौत हो जा रही है। बुजुर्गों को तो छोड़िए, स्वस्थ युवा भी देखते-देखते मौत का शिकार हो रहे हैं। हेमंत सोरेन ठीक अभी उसी तरह की राजनीति कर रहे हैं, जैसे कोरोना लॉकडाउन के दौरान विपक्षी पार्टियां वैक्सीन को लेकर कर रही थी।

CM हेमंत सोरेन बोले- टीका से जवान लड़के-लड़कियां मर रहे हैं

किसी विशेष वैक्सीन का नाम लिए बिना सीएम सोरेन ने दावा किया कि इसे दुनियाभर में प्रतिबंधित कर दिया गया था, लेकिन भारत में इसकी आपूर्ति की गई, जिसके कारण कई मौतें हुईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वैक्सीन को पिछली भाजपा सरकार ने दान इकट्ठा करने के लिए गरीब लोगों को जबरन लगाया था।

सीएम हेमंत सोरेन ने रांची में 'मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना' की लाभार्थियों को संबोधित करते हुए बुधवार (4 सितंबर 2024) को कहा,

''उत्पाद सिपाहियों की मौत सिर्फ दौड़ की वजह से नहीं हो रही है, लोग चलते-चलते भी मर रहे हैं। कोरोना काल में भाजपा के लोगों ने देशवासियों को जो टीका लगाया है, वह गलत है, जिसका प्रभाव अब पड़ रहा है। उस टीके को दुनियाभर में बंद कर दिया गया था। लेकिन हमारे भारत में उसकी सप्लाई हुई है। उस टीके की वजह से लोग मर रहे हैं। सर्दी- खांसी से लोग मर रहे हैं। जवान लड़के-लड़कियां मर रहे हैं।''

बता दें कि कोरोना काल के दौरान कोविशील्ड वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावकारिता के बारे में सवाल उठाए गए थे। जिसे कई यूरोपीय देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि, हाल ही में हुई मौतों से वैक्सीन को जोड़ने का कोई निर्णायक सबूत नहीं है।

ये भी पढ़ें- झारखंड चुनाव: चम्पाई सोरेन और भाजपा से कैसे मुकाबला करेंगे हेमंत? कोल्हन बेल्ट की 14 सीटों पर कौन मारेगा बाजी?

भाजपा ने किया पलटवार, कहा- "झूठ की खेती" कब तक काटियेगा मुख्यमंत्री जी?

भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा, "झूठ की खेती" कब तक काटियेगा मुख्यमंत्री जी? उत्पाद सिपाही दौड़ के दौरान 13+ नौजवानों की दुखद मृत्यु पर अपने सरकार की तुगलकी फरमान व निकम्मी व्यवस्था को छुपाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी ने आज जिस असंवेदनशीलता का परिचय दिया है वह बेहद निंदनीय है। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर मिले घनघोर ज्ञान के बाद आज मुख्यमंत्री जी अभ्यर्थियों के मौत का खुलेआम उपहास उड़ा रहे थे।''

अमर कुमार बाउरी ने कहा, ''ध्यान से पढ़िएगा मुख्यमंत्री जी, वास्तविक जानकारी दे रहा हूं, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की स्टडी में यह कहा गया है कि वैक्सीनेशन से भारत में युवा वयस्कों में अचानक मौत का खतरा बढ़ा नहीं बल्कि इससे वयस्कों में यह खतरा कम हुआ है। आज मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम से कुछ ही कदम दूर घर है विकास लिंडा जी का जिनकी मृत्यु उत्पाद सिपाही दौड़ के दौरान हुई थी। इस आदिवासी भाई के पिताजी की मृत्यु एक वर्ष पूर्व ही हुई थी और अब विकास के मौत के बाद बूढी मां लाचार और बेबस हो गई है। मुख्यमंत्री जी को मृत्यु का उपहास उड़ाने से पूर्व जरूर जाकर इस बेबस आदिवासी मां का दुख बांटना चाहिए था। लेकिन आज मुख्यमंत्री जी ने क्या किया? अपने राज्य की जनता को निराश व मृतकों का उपहास!''

झारखंड में आबकारी कांस्टेबल भर्ती अभियान विवादों में घिरा

झारखंड में आबकारी कांस्टेबल भर्ती अभियान विवादों में घिरा हुआ है, कई उम्मीदवारों ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें भीषण गर्मी में दौड़ना पड़ रहा है। विभिन्न केंद्रों पर अभियान के दौरान 500 से अधिक उम्मीदवार कथित तौर पर बेहोश भी हो गए। हालांकि झारखंड पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है, लेकिन उन्होंने अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया है।

अब तक दौड़ में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में अमरेश कुमार (गया), अजय महतो (रांची), सूरज वर्मा (गिरिडीह), पिंटू कुमार (गिरिडीह), दीपक कु. पासवान (पलामू), सुमित कुमार (गोड्डा), विकास लिंड (रांची), महेश कुमार (हजारीबाग), अरुण कुमार (पलामू), प्रदीप कुमार (गोड्डा) और दो अन्य शामिल हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+