देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने श्रद्धांजलि अर्पित की
भारत के पहले शिक्षा मंत्री और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अबुल कलाम की आज जयंती मनाई जा रही है। अबुल कलाम की जयंती को देश भर में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम की जयंती पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमेंत सोरेन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी है।

हेमंत सोरेन ने लिखा
देश के पहले शिक्षा मंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती पर शत-शत नमन। आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं! हर साल 11 नवंबर को देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम की जयंत पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनान का उद्देश्य शिक्षा के महत्व के बार में जन-जागरूकता फैलाना हे।
11 नवंबर 1888 को जन्में मौलाना अबुल कलाम आजाद एक महान स्वंत्रता सेनानी, शिक्षाविद, लेख और पत्रकार भी थे।
मौलाना बहुत कलाक आजाद राष्ट्रीय कांगेस पार्टी के अध्यक्ष पद की कुर्सी भी संभाली थी।
आजादी के बाद आजाद को स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के पद पर नियुक्ति किया गया था। मौलाना अबुल कलाम आजाद ने शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और इसे सभी के लिए सुलभ यानी आसान बनाने के अहम भूमिका निभाई, शिक्षा मंत्री रहते हुए कई अहम फैसले लेकर शिक्षा के अधुनिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कलाम ने शिक्षा को भारत के विकास का आधार मानते हुए काम किया। उनहोंने शिक्षा को धर्मनिरपेक्ष और समान रूप से सभी के लिए सुलभ बनाने पर हमेशा जोर दिया।
मौलाना अबुल कलाम आजाद ने प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य और निशुल्क बनाने का प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने उच्च शिक्षा यानी विश्वविद्यालय शिक्षा को बढाने के लिए देश में कई संस्थानों की स्थापना करवाई थी।
देश के पहले शिक्षा मंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम आजाद जी की जयंती पर शत-शत नमन।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) November 11, 2023
आज राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। pic.twitter.com/bZoNJL5cSV












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