Saraikela Chunav 2024: चंपई सोरेन के लिए आसान नहीं होगी राह, जानिए क्या है सरायकेला का समीकरण
Jharkhand Saraikela Chunav News: झारखंड के सरायकेला विधानसभा सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। यहां से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन मैदान में हैं। हालांकि इस बार उनकी पार्टी बदल गई है, वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। चंपई सोरेन का सीधा मुकाबला गणेश महाली से है। यह पहली बार नहीं है जब ये दोनों नेता आमने-सामने हैं।
दोनों पहले भी 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ आमने-सामने आ चुके हैं। हालांकिचंपई सोरेन पहले JMM उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे। लेकिन इस बार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया है। वहीं भाजपा के पूर्व सदस्य गणेश महाली अपनी पुरानी पार्टी JMM में चले गए हैं।

बता दें कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन ने करीब छह महीने झारखंड की सत्ता संभाली थी। वह 2 फरवरी 2024 से 3 जुलाई 2024 सीएम रहे और हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आते ही उनकी कुर्सी चली गई। चंपई सोरेन 30 अगस्त को भाजपा में शामिल हो गए थे।
चंपई सोरेन का दबदबा
सरायकेला सीट पर चंपई सोरेन का दबदबा रहा है, उन्हें कोल्हान टाइगर कहा जाता है। यहां से उन्होने 1991, 1995, 2005, 2009, 2014, 2019 में जीत दर्ज की है। हालांकि कुछ समय के लिए 2000 में यहां से भाजपा के अनंत राम टुडू ने जीत दर्ज की थी।
ऐसे में चंपई सोरेन का यहां पिछले तकरीबन तीन दशक से दबदबा है। लेकिन जिस तरह से इस बार चुनावी समीकरण बदले हैं और चंपई सोरेन इस बार भाजपा के टिकट से मैदान में हैं, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि यहां पर उन्हें कड़ी टक्कर मिल सकती है।
सरायकेला सीट पर चंपई सोरेन का सीधा मुकाबला झारखंड मुक्ति मोर्चा के गणेश महाली के साथ है। दिलचस्प बात यह है कि चंपई जोकि पहले जेएमएम में थे, अब वह भाजपा में हैं। वहीं गणेश महाली पहले भाजपा में थे, लेकिन अब वह जेएमएम में हैं। ऐसे में दोनों ही नेताओं के समर्थकों के लिए भी यह चुनाव अग्निपरीक्षा की तरह है।
2014 का गणित
वर्ष 2014 में चंपई सोरेन का मुकाबला महली से हुआ था, हालांकि उस चुनाव में महली को 1115 वोटों से हार मिली थी, जबकि 2022 में हार का अंतर 15667 हो गया था। लेकिन इस बार हालात बदल चुके हैं और दोनों ही नेताओं के दल बदल गए हैं, लिहाजा नतीजों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
2019 का गणित
पिछले चुनाव की बात करें तो 2019 में चंपई सोरेन को 111554 वोट मिले थे, जबकि महली को 95887 वोट मिले थे। 2014 के चुनाव की बात करें तो सोरेन को 94746 वोट मिले थे, जबकि महली को 93631 वोट मिले थे। यही वजह है कि दोनों के बीच इस बार का चुनाव काफी करीबी हो सकता है।
पुख्ता तैयारी
इस बार यहां चुनाव आयोग की तैयारियों की बात करें तो यहां पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सरायकेला में मतदाताओं की संख्या 3,69,195 है, जिसमें 1,83,420 पुरुष और 1,85,770 महिला मतदाता हैं। सरायकेला में कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं।












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