झारखंड चुनाव में पुजारी से पेंटर तक आजमा रहे किस्मत, मैदान में उतरने की बताई दिलचस्प वजह
Jharkhand Election 2024: झारखंड में 13 और 20 नवंबर को वोटिंग होनी है। वोटिंग से ठीक पहले प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। राजनीतिक पार्टियों समेत अब इस चुनाव में सुरक्षा गार्ड, पुजारी, पेंटर, किसान और मजदूर भी विधायक बनने का सपना लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकने उतर गए है। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चरणों में 1211 उम्मीदवार मैदान में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा स्टील में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करने वाले मनोज करुआ जमशेदपुर जिले के जुगसलाई से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। मनोज पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएट हैं और वर्तमान में कानून की पढ़ाई यानी लॉ कर रहे हैं। मनोज को गार्ड के काम में प्रतिदिन 430 रुपये दिहाड़ी मिलती है। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने कंपनी से 10 दिन की छुट्टी ली है।

पुजारी भी उतरे चुनाव मैदान में
पेशे से पुजारी पुरुषोत्तम कुमार पांडे बरही विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा समर्थित पुरुषोत्तम पांडे का दावा है कि उन्होंने चर्च में धर्मांतरण को रुकवाया है। रामनवमी के दौरान डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने पर उन्होंने हजारीबाग से रांची तक मार्च का नेतृत्व भी किया था। पांडे को 20 हजार से अधिक वोट मिलने की उम्मीद है।
पेंटर मुकुल नायक ने भी ठोकी ताल
कांके सीट से लोकहित अधिकार पार्टी ने 47 वर्षीय मुकुल नायक को चुनाव मैदान में उतारा है। मुकुल नायक पेंटर का काम करते हैं। आर्थिक तंगी के कारण उनके दो बेटों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। मुकुल की पत्नी भी उनके साथ मजदूरी करती हैं। उन्होंने अपना नामांकन पत्र ग्रामीणों से मिले चंदे से भरा था।
पान वाले ने भी जमशेदपुर से भरा नामांकन
जमशेदपुर पूर्वी सीट के पास पान की दुकान चलाने वाले रविंद्र सिंह भी चुनाव लड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी और शादी के बाद अपने दो बेटों द्वारा त्याग दिए जाने के बावजूद वे पैदल ही प्रचार कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें सफलता के लिए पांच वोट भी मिल जाएंगे।
खेतिहार मजदूर भी लड़ रही चुनाव
35 वर्षीय सावित्री देवी पेशे से किसान हैं और खूंटी जिले की तोरपा विधानसभा सीट से बीएसपी के बैनर तले चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले वे खूंटी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं और उन्हें 12,300 वोट मिले थे। ग्राम सभाओं में अपनी भागीदारी के कारण स्थानीय स्तर पर मशहूर सावित्री देवी अपने पति के साथ बाइक से चुनाव प्रचार करने की योजना बना रही हैं।
सावित्री के पति का मानना है कि वह 45 हजार वोटों से जीत हासिल करेंगी। सामुदायिक बैठकों में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया है। वह अभी तक अपना अभियान शुरू नहीं करने के बावजूद अपनी संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं।












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