धनबादः लड़की को अलग-अलग जगह ले जाकर एक महीने तक कई लोगों ने किया गैंगरेप, कोर्ट ने सुनाया फैसला
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले में किशोरी को अगवा कर करीब एक महीने तक अलग-अलग जगहों पर ले जाकर गैंगरेप करने के मामले में करीब दो साल बाद कोर्ट का फैसला आया। पोक्सो विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की कोर्ट ने गैंगरेप के इस मामले में पांच आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि सात आरोपितों को साक्ष्यों के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया है। इस पूरे मामले में पीड़ित लड़की के बयान और कोर्ट में आरोपितों की पहचान ने सजा दिलाने में खास भूमिका निभाई है।

उम्रकैद की सुनाई सजा
कोर्ट ने आरोपी विजेंद्र लोहानी, अशोक विश्वकर्मा, आशा देवी, सोनू कुमार एवं राजू मछुआ को नाबालिग लड़की का षड्यंत्र के तहत अपहरण करने एवं गैंगरेप के मामले में दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपहरण के आरोप में अभियुक्तों को 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं गैंग रेप के आरोप में उम्रकैद के अलावा हर आरोपी को 60 हजार रुपए आर्थिक जुर्माने की भी सजा दी है।

सबूतों के अभाव में सात रिहा
वहीं इसी मामले के सात अन्य आरोपी मुकेश कुमार, प्रतीक कुमार, मोहम्मद गफ्फार, प्रकाश महतो, समसुद्दीन शेख, सुलेमान अंसारी एवं जुम्मन अंसारी को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया। आरोपियों के खिलाफ 25 जुलाई 2018 को पीड़िता के बयान के आधार पर धनबाद रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

काम दिलाने के बहाने ले गई
पीड़िता ने बताया था कि वह धनसार थाना क्षेत्र के बरमसिया की निवासी है और उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। धनबाद रेलवे स्टेशन पर रहकर वह अपना गुजर बसर कर रही थी। रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय के पास एक दिन वह बैठी हुई थी, उसी समय आशा देवी उसे काम दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ रांची ले गई।












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