Fuel Prices: कच्चे तेल में भारी गिरावट लेकिन Diesel पर सरकार ने बढ़ाई Export duty, क्या है आपके शहर में दाम?

Fuel Prices: अमेकिरा और ईरान के बीच सीजफायर समझौते के बाद इंटरनेशन मॉर्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में लगभग चार फीसदी तक की भारी गिरावट आई है। कच्चे तेल के दामों में गिरावट के बावजूद केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, यह नई दरें 16 जून से लागू हो चुकी है।

डीजल और ATF पर कितना अधिक टैक्स देना होगा?

डीजल के निर्यात पर लगने वाला विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 13.5 रुपये प्रति लीटर था। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर SAED को 9.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 12.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। केंद्र सरकार का मानना है कि वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच यह कदम घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

Fuel Prices

क्‍या पेट्रोल के दाम पर भी पड़ेगा असर?

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायद समझौते के बाद WTI क्रूड ऑयल की कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। जिसके बाद पेट्रोल के दामों में कमी आई है। हालांकि पेट्रोल के एक्‍सपोर्ट डयूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 1.5 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। इस बदलाव से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। घरेलू खपत के लिए स्वीकृत ईंधन पर मौजूदा शुल्क दरों को पहले की तरह ही रखा गया है। आम उपभोक्ताओं को स्थानीय पेट्रोल पंपों पर किसी भी तरह की मूल्य वृद्धि का सामना नहीं करना पड़ेगा।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल डीजल के दाम क्‍या है?

  • दिल्ली - पेट्रोल: ₹102.12 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹95.20 प्रति लीटर
  • कोलकाता - पेट्रोल: ₹113.51 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹99.82 प्रति लीटर
  • मुंबई - पेट्रोल: ₹111.21 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹97.83 प्रति लीटर
  • चेन्नई - पेट्रोल: ₹108.01 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹99.66 प्रति लीटर
  • हैदराबाद - पेट्रोल: ₹115.73 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹103.82 प्रति लीटर
  • बेंगलुरु - पेट्रोल: ₹110.89 प्रति लीटर, डीज़ल: ₹98.80 प्रति लीटर
  • सबसे महंगा पेट्रोल: हैदराबाद (₹115.73 प्रति लीटर)
  • सबसे सस्ता पेट्रोल: दिल्ली (₹102.12 प्रति लीटर)
  • सबसे महंगा डीज़ल: हैदराबाद (₹103.82 प्रति लीटर)
  • सबसे सस्ता डीज़ल: दिल्ली (₹95.20 प्रति लीटर)

नोट: डीजल की कीमतें राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और स्थानीय करों के कारण अलग-अलग शहरों में अलग हो सकती हैं।

सरकार ने क्‍यों बढ़ाया Windfall Tex?

विंडफॉल टैक्स बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य निजी और सरकारी तेल रिफाइनरियों को विदेशों में ईंधन निर्यात करने से हतोत्साहित करना है। जब वैश्विक बाजार में कीमतें बहुत अधिक होती हैं, तो कंपनियां अधिक मुनाफे के लिए भारतीय बाजार की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर निर्यात शुरू कर देती हैं। इस टैक्स के जरिए सरकार उनके अप्रत्याशित मुनाफे पर लगाम लगाती है ताकि घरेलू बाजार में ईंधन की कमी न हो.

Windfall Tex क्या होता है और इसकी जरूरत क्यों?

विंडफॉल टैक्स एक ऐसा विशेष टैक्‍स है जो किसी उद्योग या कंपनी को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या निवेश के मिले अप्रत्याशित भारी मुनाफे पर लगाया जाता है। वैश्विक स्तर पर युद्ध या अशांति जैसी स्थितियों में जब अचानक कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय मार्केट में आसमान छूने लगते हैं, तो तेल उत्पादक कंपनियों का मुनाफा अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। सरकार इस अप्रत्याशित लाभ का एक हिस्सा टैक्स के रूप में लेती है।

Windfall tax बढ़ने का क्‍या होगा असर?

भारत सरकार ने पहली बार जुलाई 2022 में विंडफॉल टैक्स की शुरुआत की थी। उस समय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। इस ताजा फैसले का सीधा प्रभाव रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और नायरा एनर्जी जैसी निजी तेल कंपनियों पर पड़ेगा जो बड़े पैमाने पर यूरोपीय देशों और अन्य देशों में डीजल एवं विमान ईंधन का निर्यात करती हैं। टैक्स बढ़ने से इन कंपनियों के निर्यात मार्जिन में मामूली कमी आने के आसार हैं। हालांकि, सरकारी क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर इसका व्यापक असर होने की संभावना काफी कम है।

सरकार को क्‍या होगा फायदा?

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम जनता के दृष्टिकोण से यह सरकारी निर्णय बेहद जरूरी माना जा रहा है। देश के भीतर मानसून के इस सीजन में कृषि और परिवहन गतिविधियों के कारण डीजल की मांग बनी रहती है। ऐसे समय में रिफाइनरियों द्वारा बड़े पैमाने पर केवल विदेशी निर्यात पर ध्यान केंद्रित करने से देश के भीतर आपूर्ति संकट खड़ा हो सकता था। विंडफॉल टैक्स बढ़ाकर सरकार ने घरेलू आपूर्ति को पूरी सुरक्षा प्रदान की है।

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