सात दिन पहले अपहरण हुए व्यापारी की हत्या कर जला दिया था शव, पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाश पकड़े
सात दिन पहले अपहरण हुए व्यापारी की हत्या कर जला दिया था शव, पुलिस ने मुठभेड़ में तीन बदमाश पकड़े
जौनपुर, 05 जनवरी: सनसनीखेज खबर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से सामने आई है। यहां करीब सात दिन पहले घर से टहलने निकले किराना व्यापारी के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने अपने गुनाह छुपाने के लिए उसके शव को जला दिया। जैसे ही अपहरणकर्ताओं की खबर पुलिस को लगी तो उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।

बता दें, बदमाशों की एक गोली क्राइम ब्रांच के प्रभारी आदित्य त्यागी की जैकेट में लगी। इसके बाद पुलिस ने भी गोली चलाई, जो एक बदमाश के पैर में लगी है, जिसकी पहचान दीपक सिंह के रूप में हुई है। वहीं, इस मामले में मौके से आरोपी राज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया है। जबकि इसी मामले में पूर्व में एक और आरोपी अमन सिंह गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, खपरहा बाजार के व्यवसायी अखिलेश जायसवाल (40) 30 दिसंबर की रात लगभग साढ़े आठ बजे रोज की तरह दुकान बंद कर अपने घर से टहलने निकले थे।
दो घंटे तक इंतजार के बाद पत्नी अनामिका ने फोन लगाया तो बंद मिला। किसी अनहोनी की आशंका से घबराई वह आसपास के लोगों को सूचना देते हुए 112 डायल पर सूचित किया था। पुलिस टीम आई और छानबीन कर चली गई थी। हालांकि अगले दिन सुबह घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे गिरी हुई उसकी टोपी मिली थी। इसके बाद पत्नी ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पति के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर छानबीन शुरू की थी। लेकिन, व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए शनिवार को अपहरण का मुकदमा कायम किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक जनवरी को पुलिस ने इस मामले में सिकरारा थाना क्षेत्र के भुआकला समसपुर गांव निवासी बृजेश सिंह उर्फ मुन्ना पुत्र रामाधार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में पता चला कि समसपुर भूआकला निवासी, बृजेश सिंह व दीपक सिंह द्वारा अखिलेश जायसवाल को उनके घर से 100 मीटर खपरहा बाजार के पास से अपहरण किया गया। इसमें गांव के ही राजकुमार सिंह, दीपक सिंह उर्फ टीटू और अमन सिंह की मदद से मकान व जमीन हड़पने की नियत से एक साथ होकर अपराधिक षड्यंत्र के तहत अखिलेश को मारापीटा गया था।
इससे अखिलेश जायसवाल गंभीर रूप से घायल होने के बाद बेहोश हो गया, जिसके बाद शव को अभियुक्त राजकुमार और अमन सिंह के सहयोग से हरीरामपुर घाट होते हुए नाव से खूंशापुर घाट पर ले गए। शव को खूंशापुर निवासी रिशु सिंह उर्फ मनोज सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के सहयोग से लकड़ी व पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस टीम ने पूर्व में गिरफ्तार अमन सिंह की निशानदेही पर खुंशापुर घाट से जली हुई लकड़ियो, मृतक के शरीर के अवशेष और जला हुआ स्वेटर बरामद किया। बाकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई थी।












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