फूटी किस्मत ! खुदाई में मिला सोने के सिक्कों से भरा लोटा, फिर भी मजदूरों के हाथ ना आई चवन्नी
जौनपुर, 19 जुलाई: दिहाड़ी मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालने वाले मजदूरों के हाथ खुदाई के दौरान ऐसा 'खजाना' हाथ लगा, जिससे उनकी किस्मत पलट सकती थी। लेकिन, इसे फूटी किस्मत ही कहेंगे कि इन मजदूरों के हाथ एक चवन्नी तक नहीं लग सकी। कुछ देर के लिए खुद को दौलतमंद समझ चुके मजदूर अब अपना माथा पकड़कर बैठे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।

फावड़े से टकराया सोने के सिक्कों से भरा तांबे का लोटा
मामला उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का है। मछलीशहर में एक घर के अंदर टॉयलेट बनाने के लिए गड्ढे की खुदाई चल रही थी। मजदूर फावड़े से गड्ढा खोद रहे थे, तभी टन्न की आवाज आई। मजूदरों ने और खुदाई की तो करीब ढाई फीट नीचे से एक तांबे का लोटा मिला। मजूदरों ने घर के मालिक को बिना बताए इसे अपने पास रख लिया। लोटे को खोलकर देखकर तो मजदूरों की आखें चमक उठीं। लोटे में सोने के सिक्के भरे हुए थे।

घर के मालिक को दिया एक सिक्का
मजदूरों ने इन सिक्कों को आपस में बांटा और उसी वक्त काम रोककर अपने-अपने घर चले गए। चार घंटे बाद फिर वापस आए और काम में जुट गए। इस बीच किसी ने घर के मालिक को सोने के सिक्के मिलने की जानकारी दे दी। घर के मालिक ने जब मजदूरों से सिक्के मांगे तो एक सिक्का वापस किया गया। अब मामला सबके सामने आ चुका था।

पुलिस ने अपने कब्जे में लिए सिक्के, मजदूरों के हाथ फिर खाली
शाम होते-होते ये बात पुलिस तक भी पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर के मालिक और मजूदरों को बुलाया और उनके पूछताछ की। पुलिस की सख्ती देख मजदूरों ने सोने के सिक्कों को वापस लौटा दिया। इन सिक्कों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया और मजदूरों के हाथ फिर खाली हो गए। बताया गया कि कुछ मजदूर अभी सामने नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

सरकारी खजाने में जमा कराए गए सोने के सिक्के
बताया जा रहा है कि सभी सिक्के 1889-1912 के दौर यानी अंग्रेजी हुकूमत के समय के हैं। पुलिस ने मजदूरों और मकान मालकिन से कुल 10 सिक्के बरामद किए हैं। इन सिक्कों को सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है। पुरात्व विभाग इन सिक्कों की जांच करेगा।












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