Ganderbal Attack: सीएम अब्दुल्ला को 'आतंकवादी' शब्द से परहेज क्यों? सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर निकाली भड़ास
Jammu Kashmir News: रविवार रात जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में भीषण आतंकी हमला हुआ था। इस आतंकी हमले में 7 की मौत हो गई थी। मरने वालों में 5 गैर कश्मीरी भी शामिल थे। आतंकी संगठन TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है,लेकिन सीएम उमर अब्दुल्ला मानने को तैयार नहीं हैं कि यह आतंकवादी हमला है। उनके इस रवैये के बाद उनकी जमकर आलोचना हो रही है।
जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करके गांदरबल आतंकी हमले की निंदा की थी, लेकिन उन्होंने आतंकी शब्द का का इस्तेमाल नहीं किया था। इसी कारण से वह सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर निंदा तो की है, किन्तु इसे आतंकी हमला नहीं बताया है।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
घाटी ने दिग्गज नेताओं के इस रुख पर लोग खासे नाराज हैं। लोगों ने जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि उन्होंने गांदरबल हमले को 'आतंकी हमला' कहने से गुरेज किया है। ज्ञात हो कि अब्दुल्ला ने इसे 'उग्रवादी हमला' है, आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने अपनी एक्स पोस्ट पर कहा कि 'सोनमर्ग क्षेत्र के गगनगीर में गैर-स्थानीय मजदूरों पर हुए कायराना और घृणित हमले की बेहद दुखद खबर है। यह लोग इलाके में एक खास बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम कर रहे थे। इस उग्रवादी हमले में 2 लोग मारे गए हैं ,वही 2-3 अन्य घायल हुए हैं। मैं निहत्थे निर्दोष लोगों पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। उनके प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
यूजर बोले, याद रहे आप केंद्र शासित राज्य के सीएम हैं
उमर अब्दुल्ला की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि 'ओह 'उग्रवादी (मिलिटेंट्स)' लौट आ गए हैं। जबकि एक अन्य ने लिखा, याद रखें कि आप एक केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। आपकी हरकतों पर ध्यान दिया जा रहा है और राज्य का दर्जा देने की कोई भी संभावना रद्द हो सकती है।
एक अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता ने आगे कहा कि बधाई हो। जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और आतंकवाद दोनों की वापसी हो चुकी हुई है, हालांकि यह सब जानते हैं कि आपके परिवार का इतिहास आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखने का रहा है, कम से कम सार्वजनिक मंचों पर तो 'उग्रवादियों' के बजाय उन्हें 'आतंकवादी' कहना शुरू करें।
गांदरबल में क्या हुआ था ?
ज्ञात हो रविवार को कई आतंकवादियों ने एक निजी कंपनी के मजदूरों के कैंप पर गोलियां चला दीं,थीं जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी। ये श्रमिक मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर को सोनमर्ग से जोड़ने वाली निर्माणाधीन जेड-मोहर सुरंग पर कार्य कर रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली है।
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