Vaishno Devi Landslide: वैष्णो देवी हिमकोटी मार्ग पर भूस्खलन, बैटरी-केबल कार और हेलीकॉप्टर सेवा ठप
Vaishno Devi Landslide: जम्मू के माता वैष्णो देवी धाम से एक बड़ी घटना सामने आई है। भवन के रास्ते के बीच में लैंड स्लाइड होने के कारण रास्ता ब्लॉक हो गया है। माता वैष्णो देवी की यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होती है। इस बार जून की बारिश ने यात्रा मार्ग में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सोमवार दोपहर जैसे ही आसमान में काले बादल घिरे, वैष्णो देवी मार्ग पर तेज बारिश शुरू हो गई।
बारिश की वजह से हिमकोटी और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन होने लगा, जिससे यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही बैटरी कार सेवा रोकनी पड़ी। यही नहीं, खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर और केबल कार सेवाएं भी बंद कर दी गईं। इसके बावजूद भक्तों का हौसला कम नहीं हुआ और वे मां के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। करीब 12 बजे शुरू हुई तेज बारिश ढाई घंटे तक जारी रही।

कीचड़ और पत्थरों से भरा रास्ता
भारी बारिश के कारण भूस्खलन वाली जगहों पर कीचड़, कंकड़ और बड़े-बड़े पत्थर आ गए, जिससे रास्ता फिसलन भरा और खतरनाक हो गया। लगातार पत्थर गिरने के चलते प्रशासन को बैटरी कार सेवा बंद करनी पड़ी। हालांकि पारंपरिक मार्ग से श्रद्धालु आते-जाते रहे।
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हेलीकॉप्टर और केबल कार सेवा भी ठप
तेज बारिश और खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर सेवा लगातार पांचवें दिन स्थगित रही। वैष्णो देवी भवन से भैरव घाटी के बीच चलने वाली केबल कार सेवा भी बंद करनी पड़ी। इसके बावजूद श्रद्धालु पैदल, घोड़े, पिट्ठू और पालकी के सहारे यात्रा करते रहे।
मरम्मत का काम जारी, तैनात हैं सुरक्षा दल
श्राइन बोर्ड के कर्मी बैटरी कार मार्ग को साफ करने और दोबारा चालू करने में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सेवा बहाल कर दी जाएगी। खराब मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, सीआरपीएफ और श्राइन बोर्ड के अधिकारी सभी प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
श्रद्धालुओं को दिए जा रहे सुरक्षा निर्देश
यात्रा के दौरान किसी अनहोनी से बचने के लिए श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रुकने से मना किया गया है।
आस्था पर नहीं पड़ा असर
मौसम की परेशानियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। हर कोई 'जय माता दी' के जयघोष के साथ यात्रा कर रहा है। 22 जून को 34,717 श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, जबकि सोमवार को शाम 4 बजे तक 18,800 से अधिक लोग पंजीकरण कर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।
नोट: प्रशासन श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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