'गिफ्ट देने के बहाने कमरे में बुलाया', श्रीनगर में IAF विंग कमांडर पर महिला ऑफिसर ने लगाए गंदे आरोप
Srinagar Air Force Harassment Case: श्रीनगर वायुसेना स्टेशन पर एक महिला फ्लाइंग ऑफिसर ने एक वरिष्ठ अधिकारी, विंग कमांडर, पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है।
महिला अधिकारी ने बडगाम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि उसे शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। भारतीय वायुसेना ने पुलिस को इस मामले में सहयोग देने की बात कही है। आइए जानते हैं पूरी घटना....

मामला दर्ज होने की जानकारी
महिला फ्लाइंग ऑफिसर ने 8 सितंबर को बडगाम पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 376(2) के तहत एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी, विंग कमांडर, पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। 26 वर्षीय महिला अधिकारी का आरोप है कि 31 दिसंबर, 2023 को श्रीनगर के वायु सेना स्टेशन में नए साल की पार्टी के बाद, विंग कमांडर ने उसे जबरदस्ती अपने कमरे में बुलाकर यौन शोषण किया।
'गिफ्ट देने के बहाने कमरे में बुलाया, और...'
महिला अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर ने उसे उपहार के बहाने अपने कमरे में बुलाया। वहां पहुंचने पर उसने उसके साथ गलत व्यवहार किया, जबकि महिला ने इसका कड़ा विरोध किया और भागने में सफल रही।
शिकायत करने में देरी का कारण
महिला अधिकारी ने बताया कि वह मानसिक दबाव में थी और इस घटना को रिपोर्ट करने से डर रही थी, क्योंकि उसे पहले भी ऐसे मामलों में शिकायत करने से मना किया गया था। महिला अधिकारी के अनुसार, घटना के बाद विंग कमांडर ने उनसे सामान्य तरीके से व्यवहार किया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। इससे वह और अधिक परेशान हो गईं।
वरिष्ठ अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। स्टेशन पर आंतरिक समिति (आईसी) बनाने में भी दो महीने का समय लगा, जिससे उन्हें और भी ज्यादा मानसिक यातना का सामना करना पड़ा।
महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि कई बार कहने के बावजूद उनकी मेडिकल जांच नहीं की गई। आखिरकार, आंतरिक समिति की जांच के आखिरी दिन उनकी जांच की गई, जो उनके लिए बेहद निराशाजनक था।
गवाहों को बयान देने से रोका गया
महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्होंने एक गवाह को बुलाने की मांग की थी, लेकिन उसे बयान देने से पहले ही शिविर क्षेत्र से भागने के लिए मजबूर कर दिया गया। आंतरिक समिति ने भी इस गवाह की बातों को नजरअंदाज कर दिया।
मानसिक यातना का सामना
महिला अधिकारी ने बताया कि उत्पीड़न की वजह से उनका मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वह लगातार डर में जी रही हैं और आत्महत्या के ख्यालों से जूझ रही हैं।
महिला अधिकारी का आरोप है कि जब उन्हें भारतीय वायुसेना के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई होते हुए नहीं दिखी, तब उन्हें मजबूरन जम्मू-कश्मीर पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी पड़ी। वहीं, भारतीय वायुसेना ने कहा है कि वे इस मामले में पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।












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