जम्मू-कश्मीर: शोपियां से पकड़े गए आतंक के मददगार, लश्कर-ए-तैयबा के दो सहयोगी गिरफ्तार, हथियार बरामद
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन पर जवानों पर हमला करने वाले आतंकियों की मदद करने का आरोप है।

जम्मू कश्मीर के राजौरी और पुंछ में सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमले के बाद आतंकियों को ढूंढकर मौत के घाट उतारा जा रहा है। 20 अप्रैल के बाद से पुलिस और सुरक्षा बल मिलकर आतंकियों का सफाया करने में जुटे हैं। इसके अलावा कई आतंकियों के सहयोगियों की भी दबोचा है।
मंगलवार को सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद मिला है।
आतंकियों की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया, उनके पास से आईईडी सहित हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।
गिरफ्तार आतंकी सहयोगियों की पहचान छोटीपोरा शोपियां निवासी शाहिद अहमद लोन और बोरीहलान शोपियां निवासी वसीम अहमद गनी के रूप में हुई है।
दो महीने में दो बड़े हमले
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जम्मू कश्मीर के पुंछ में 20 अप्रैल को मेंढर तहसील के भट्टा दुर्रिया में आतंकियों ने सेना की गाड़ी पर हमला कर दिया। हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद 5 मई को राजौरी जिले के कंडी जंगलों में आतंकियों के आईईडी विस्फोट में पांच पैरा कमांडो शहीद हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजौरी और पुंछ में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान के तीन से चार स्थानीय आतंकी का हाथ है। जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के आदेश पर यहां सहयोगी बनकर उनके लिए रास्ता आसान करना, आने-जाने के साथ रहने और खाने का इंतजाम कर रहे हैं।












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