कौन है बिलाल अहमद कुचे? जिसके सिर 40 भारतीय जवानों की हत्या, 5 साल बाद 'खुदा की अदालत' में मौत की सजा
Pulwama Terror Attacker Bilal Ahmed Kuchhey Dies: भारत के इतिहास में सबसे भयानक आतंकवादी हमलों में से एक पुलवामा हमला (14 फरवरी 2019) भी है। इसमें भारतीय सुरक्षा बलों के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। इस घटना ने देशभर में गहरा दुख और आक्रोश फैलाया, और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में एक और गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया।
इस आत्मघाती हमले को 5 साल बीत चुके हैं, लेकिन जख्म अभी भी ताजे हैं। ताजा खबर यह है कि इस हमले में शामिल 19 आरोपियों में से एक जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सदस्य बिलाल अहमद कुचे को खुदा की अदालत में मौत का फरमान सुनाया गया। जम्मू के अस्पताल में बिलाल को हार्ट अटैक आया। बिलाल अहमद ककापोरा के हाजीबल गांव का निवासी था। आइए जानते हैं क्या थी बिलाल की हमले में भूमिका?

बिलाल अहमद कुचे की भूमिका
बिलाल अहमद कुचे ने शाकिर बशीर, इन्शा जान, और पीर तारिक अहमद शाह के साथ मिलकर JeM आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और आश्रय दिया था। वह इस हमले के लिए आवश्यक सुविधाओं को मुहैया कराने में मददगार था।
कब हुई थी गिरफ्तारी?
कुचे पर 25 अगस्त 2020 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने औपचारिक रूप से आरोप लगाया था। उसके खिलाफ रणबीर दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, और जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक संपत्ति क्षति रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे।
आतंकी का दर्दनाक अंत
17 सितंबर को किश्तवाड़ जिला जेल में कुचे की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।
जानें कैसे दिया था बिलाल ने अंजाम?
14 फरवरी 2019 की दोपहर, भारतीय अर्धसैनिक बल CRPF (Central Reserve Police Force) के लगभग 2500 जवानों का काफिला 78 गाड़ियों में जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था। इस काफिले पर जम्मू-श्रीनगर हाइवे के पास पुलवामा जिले में, एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से भरी हुई SUV (महिंद्रा स्कॉर्पियो) से टक्कर मार दी। यह आत्मघाती हमला इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही 40 जवान शहीद हो गए। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
हमले की साजिश के पीछे कौन?
NIA की जांच में यह सामने आया कि यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान स्थित नेतृत्व द्वारा सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध किया गया था। JeM संगठन अपने आतंकियों को अफगानिस्तान में अल-कायदा, तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के साथ प्रशिक्षण देने के लिए भेजता था।
भारत-पाकिस्तान तनाव
इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अत्यधिक बढ़ गया। बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन, 27 फरवरी को पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के एक मिग-21 विमान को गिरा दिया और उसके पायलट अभिनंदन वर्धमान को बंदी बना लिया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद पाकिस्तान ने 1 मार्च 2019 को पायलट अभिनंदन को रिहा कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति टल गई।












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