Pulwama Attack Anniversary: कुछ बड़ा होने वाला है? पुलवामा बरसी के 7 साल, J&K में हाई अलर्ट
Pulwama Attack Anniversary update: जम्मू-कश्मीर में Jammu and Kashmir को Pulwama हमले की सातवीं बरसी पर हाई अलर्ट पर रखा गया है। 14 फरवरी 2019 को हुए इस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। बरसी से पहले किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैं।
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं, वाहनों की सघन जांच और लोगों की तलाशी ली जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांति और सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

Jammu Kashmir High Alert: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बरसी से पहले श्रीनगर, पुलवामा और अन्य संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। मुख्य सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर नाकेबंदी की गई है। आने-जाने वाले वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एहतियाती कदम उठाना जरूरी है ताकि असामाजिक तत्व किसी भी तरह की साजिश को अंजाम न दे सकें।
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Pulwama Attack Latest Update: खुफिया एजेंसियों की सक्रियता
केंद्रीय और स्थानीय खुफिया एजेंसियां संभावित खतरों पर नजर बनाए हुए हैं। इनपुट्स के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी निगरानी रख रही हैं, ताकि अफवाहों या भड़काऊ संदेशों को फैलने से रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे किसी भी स्थिति से निपटने में तेजी लाई जा सके।
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14 February Pulwama Attack: नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क और सहयोगी बने रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या नजदीकी सुरक्षा बल को देने के लिए कहा गया है। लोगों से अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने और पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आम जनता का सहयोग शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
शहीदों को श्रद्धांजलि
बरसी के मौके पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से इन आयोजनों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। देशभर में लोग 2019 के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को याद करेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह दिन सिर्फ सुरक्षा सतर्कता का ही नहीं, बल्कि बलिदान और एकता को याद करने का भी प्रतीक है।












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