Jammu Kashmir Budget 2026: ई-बसें, फ्री बिजली और आशा वर्कर्स की चांदी, उमर अब्दुल्ला के बजट में क्या-क्या?
Jammu Kashmir Budget 2026: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का बजट पेश किया। धारा 370 हटने के बाद यह उनकी सरकार का दूसरा बजट है, जो पूरी तरह से रोजगार, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर केंद्रित है।
पिछले वर्ष ₹1,12,310 करोड़ का बजट पेश करने के बाद, इस बार सीएम ने युवाओं के लिए 23,000 सरकारी नौकरियों और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि जैसी बड़ी घोषणाएं कीं, जिससे जम्मू-कश्मीर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

Omar Abdullah budget speech 2026: 23,000 सरकारी नौकरियां
उमर अब्दुल्ला सरकार ने युवाओं की बेरोजगारी दूर करने के लिए 'फास्ट ट्रैक' भर्ती प्रक्रिया का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में खाली पड़े 23,000 से अधिक पदों को जल्द भरा जाएगा। यह कदम उन युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे थे। इसके साथ ही उच्च शिक्षा को मजबूती देने के लिए 5 नए डिग्री कॉलेज भवनों का निर्माण कार्य भी शीघ्र पूरा करने का संकल्प लिया गया है।
J&K Assembly budget highlights: पर्यटन और परिवहन का कायाकल्प
पर्यटन को जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए बजट में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नए स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए 200 नई ई-बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। यह पहल न केवल पर्यटन को गति देगी, बल्कि जम्मू-कश्मीर के पर्यावरण संरक्षण में भी मील का पत्थर साबित होगी।
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कृषि और श्वेत क्रांति पर जोर
किसानों और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने 7 नए मिल्क प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। इससे दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे। कृषि और बागवानी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं का खाका खींचा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह कदम जम्मू-कश्मीर को दूध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए उरी और पुंछ में दो नए इमरजेंसी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे टंगडार और करनाह के लिए बुलेट प्रूफ एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा के तहत 127 नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। ये घोषणाएं दर्शाती हैं कि सरकार दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनशील है।
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सोलर विलेज और जनजातीय विकास
पर्यावरण और ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए मुख्यमंत्री ने 100 ट्राईबल विलेज (जनजातीय गांवों) को सोलर विलेज के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इससे इन पिछड़े क्षेत्रों में बिजली की समस्या दूर होगी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। यह बजट जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे 'ग्रीन जम्मू-कश्मीर' का सपना साकार होगा।












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