Lok Sabha Election: Farooq Abdullah नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, बेटे उमर ने बताई ये वजह
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जम्मू कश्मीर की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने आम चुनावों से दूरी बनाने का फैसला किया है।
श्रीनगर से मौजूदा सांसद ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। उनके बेटे और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने यह जानकारी साझा करते हुए इसके पीछे की वजह भी बताई है।

श्रीनगर से मौजूदा सांसद फारूक अब्दुल्ला ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। यह घोषणा उनके बेटे और पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के बाहरी इलाके रावलपोरा में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान की।
उमर अब्दुल्ला ने अपने पिता के फैसले से बारे में बताते हुए कहा, "उन्होंने (फारूक अब्दुल्ला) अपने स्वास्थ्य के कारण इस बार चुनाव नहीं लड़ने के लिए पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर और पार्टी के अन्य सदस्यों से अनुमति ली है।"
ऐसे में अपने पिता के फैसले को स्वीकार करते हुए उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार को नामित करने की पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इसी के साथ उन्होंने जनता से श्रीनगर के हितों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की।
उमर अब्दुल्ला के चुनाव लड़ने की खबरें
चुनाव नहीं लड़ने वाले फारूक अब्दुल्ला हालांकि पार्टी के संरक्षक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे। जिसके बाद अब पार्टी की पूरी कमान उनके बेटे उमर अब्दुल्ला के हाथ में रहेगी। इस बीच अब्दुल्ला परिवार का गढ़ रही श्रीनगर सीट से उनके बेटे और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला के चुनाव लड़ने के कयास लगाना शुरू हो गए हैं।
यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे
बता दें कि 86 साल के फारूक अब्दुल्ला का लंबा राजनीतिक करियर रहा है। 2002 में उन्होंने राष्ट्रीय जिम्मेदारियों पर फोकस करने के लिए राज्य की राजनीति छोड़ दी और जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा में एक सीट जीती। बाद में वह राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद 2009 में श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करके लोकसभा में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया है।
पहली बार 1980 में बने सांसद
अतीत में चुनावी हार का सामना करने के बावजूद फारूक अब्दुल्ला ने 2017 में श्रीनगर सीट के लिए हुए उपचुनाव में सफल वापसी की। 2019 में उनके पुन: चुनाव ने क्षेत्र में उनके राजनीतिक कद को मजबूत किया। बता दें कि फारूक अब्दुल्ला पहली बार 1980 में श्रीनगर सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद वह 2009, 2017 (उपचुनाव) और 2019 में भी श्रीनगर सीट से ही जीते थे।












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